“पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में उन्होंने जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराकर पहला जापान ओपन खिताब अपने नाम किया।“
टोक्यो: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने रविवार को जापान ओपन 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। सिंधु ने फाइनल मुकाबले में जापान की तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेम में 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही वह जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं।
दो साल बाद सिंधु ने जीता बड़ा खिताब
31 वर्षीय पीवी सिंधु के लिए यह जीत बेहद खास रही। दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल टूर्नामेंट जीतने के बाद यह उनका पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब है। वहीं सुपर 750 या उससे बड़े स्तर का खिताब जीतने का उनका सात साल लंबा इंतजार भी खत्म हो गया।
सिंधु ने इससे पहले 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास बनाया था। अब जापान ओपन की ट्रॉफी जीतकर उन्होंने अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
फाइनल मुकाबले में शुरुआत से दिखाया आक्रामक खेल
करीब 50 मिनट तक चले फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने पहले दो अंक हासिल किए और तीसरे अंक के लिए सफल चुनौती लेकर शुरुआती बढ़त 3-0 कर ली।
हालांकि, अकाने यामागुची ने जल्द ही वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। भारतीय खिलाड़ी से कुछ गलतियां भी हुईं, जिसका फायदा उठाकर जापानी खिलाड़ी ने 9-7 की बढ़त बना ली।
पहले गेम में आखिरी समय पर पलटा मैच
मिड-गेम ब्रेक के बाद सिंधु ने अपनी रणनीति बदली और आक्रमण तेज कर दिया। उन्होंने यामागुची को बैकफुट पर धकेलते हुए 16-12 की बढ़त बना ली।
दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और स्कोर 17-17 से बराबर हो गया। इसके बाद सिंधु ने शानदार संयम दिखाया और लगातार चार अंक जीतकर पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी सिंधु का दबदबा
दूसरे गेम में सिंधु ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। उन्होंने पहले 6-3 और फिर 8-3 की बढ़त हासिल कर ली। यामागुची ने लगातार चार अंक जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने अपनी लय बरकरार रखी।
मिड-गेम ब्रेक तक भारतीय खिलाड़ी 11-7 से आगे रहीं। ब्रेक के बाद सिंधु ने तेजी से बढ़त बढ़ाते हुए स्कोर 14-7 कर दिया।
यामागुची की वापसी की कोशिश नाकाम
अकाने यामागुची ने हार नहीं मानी और लगातार पांच अंक हासिल कर अंतर को कम करते हुए स्कोर 18-17 तक पहुंचा दिया। मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था, लेकिन सिंधु ने दबाव में शानदार खेल दिखाया।
उन्होंने लगातार अंक हासिल करते हुए तीन मैच प्वाइंट बनाए और आखिरकार दूसरा गेम भी 21-17 से जीतकर जापान ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया।
भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि
पीवी सिंधु की यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने और वापसी करने की उनकी क्षमता उन्हें दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रखती है।
जापान ओपन की ट्रॉफी के साथ सिंधु ने अपने आलोचकों को भी जवाब दिया है और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए अपनी मजबूत वापसी का संकेत दिया है।
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