TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का देशव्यापी आंदोलन तेज, सांसदों से अध्यादेश लाने की मांग

TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का आंदोलन देशभर में तेज हो गया है। प्राथमिक शिक्षक सांसदों से मिलकर अध्यादेश लाने की मांग करेंगे। यूपी समेत कई राज्यों में विरोध की तैयारी।

लखनऊ: TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का आंदोलन तेज, सांसदों से अध्यादेश की मांग

शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर देशभर के प्राथमिक शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद करीब एक साल बीतने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने का आरोप लगाते हुए शिक्षक संगठनों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।

अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ (AIPTF) ने देशभर की अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपें और संसद के मानसून सत्र में TET अनिवार्यता खत्म करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग करें।

सांसदों से मिलेंगे शिक्षक, संसद में उठाएंगे मुद्दा

शिक्षक संगठन अब इस मुद्दे को संसद तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। संघ का कहना है कि सांसदों को ज्ञापन देकर बताया जाएगा कि TET अनिवार्यता से लाखों शिक्षकों की नौकरी और शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है।

संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि देशभर के लगभग 25 लाख प्राथमिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी राज्य इकाइयों को सांसदों से संपर्क करने को कहा गया है।

शिक्षक संगठन सांसदों से मांग करेंगे कि:

  • संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाए।
  • RTE Act-2009 की धारा 23(2) में किए गए संशोधन को वापस लिया जाए।
  • पुराने कार्यरत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से राहत दी जाए।

मानसून सत्र में फैसला नहीं हुआ तो दिल्ली कूच की चेतावनी

शिक्षक संगठनों ने साफ किया है कि यदि संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो देशभर के शिक्षक दिल्ली में बड़ा आंदोलन कर सकते हैं।

कुछ शिक्षक संगठनों ने राजधानी लखनऊ में भी रैली आयोजित करने की घोषणा की है।

क्या है TET अनिवार्यता विवाद?

शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी Teacher Eligibility Test (TET) को सरकारी स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति और सेवा से जुड़े मानकों के रूप में लागू किया गया है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर इसे अनिवार्य करना उचित नहीं है और इससे बड़ी संख्या में शिक्षकों की नौकरी पर संकट पैदा हो सकता है।

वहीं, शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार TET का उद्देश्य शिक्षकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

यूपी माध्यमिक शिक्षक संघ भी करेगा प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने भी अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है।

संगठन 31 जुलाई को प्रदेशभर के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगा।

लखनऊ में यह कार्यक्रम 7 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।

शिक्षक संघ ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में:

  • तदर्थ शिक्षकों का नियमितीकरण
  • लंबित वेतन भुगतान
  • प्रधानाचार्यों के वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान
  • सेवा संबंधी लंबित मामलों का निस्तारण

शामिल हैं।

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