“मायावती की संसद से अपील: बसपा प्रमुख ने मानसून सत्र में महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर गंभीर बहस की मांग की। उन्होंने संसद को हंगामे से बचाने और रचनात्मक चर्चा की अपील की।“
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संसद के मानसून सत्र को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष से बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र हंगामे और बार-बार स्थगन की वजह से प्रभावित नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
मायावती ने महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे विषयों को संसद में प्रमुखता से उठाने की मांग की।
संसद में जनहित के मुद्दों पर चर्चा जरूरी: मायावती
बसपा प्रमुख ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि देश की जनता कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे में संसद को जनता की आवाज उठाने का प्रभावी मंच बनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
अयोध्या राम मंदिर चोरी मामले का भी किया जिक्र
मायावती ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित चोरी, हेराफेरी और गबन के आरोपों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और इसकी गूंज संसद में भी सुनाई दे सकती है। उन्होंने इस तरह के मामलों में पारदर्शी जांच और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।
महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल
बसपा प्रमुख ने कहा कि देश के कई हिस्सों में महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे चिंता का विषय बने हुए हैं।
उन्होंने संसद में इन विषयों पर गंभीर चर्चा कर समाधान निकालने की जरूरत बताई।
अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का भारत पर असर
मायावती ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर पड़ सकता है।
उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए नीतिगत मुद्दों पर चर्चा करें।
शांतिपूर्ण और रचनात्मक सत्र की अपील
मायावती ने कहा कि संसद की कार्यवाही लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से चलनी चाहिए।
उन्होंने सत्ता पक्ष, विपक्ष और सभी संस्थाओं से जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
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