“RSS Controversy: USCIRF कमिश्नर डॉ. आसिफ महमूद ने RSS पर नफरत फैलाने और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने मोहन भागवत से संवाद के लिए तैयार होने की बात कही। RSS ने कार्यक्रम को खुले संवाद का मंच बताया।“
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे और न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन (MSG) में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी आयोग अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (USCIRF) के कमिश्नर डॉ. आसिफ महमूद ने RSS पर नफरत फैलाने और धार्मिक स्वतंत्रता तथा मौलिक मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह मोहन भागवत के साथ बैठकर खुले संवाद के लिए तैयार हैं।
महमूद ने कहा कि यदि RSS प्रमुख के साथ बातचीत का अवसर मिलता है तो वह उनसे मुलाकात करने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, बातचीत के दौरान संगठन की ओर से कुछ ऐसे आश्वासन और गारंटी भी सामने आ सकती हैं, जिनसे उनके मौजूदा विचार में बदलाव की गुंजाइश हो।
‘मौका मिला तो भागवत के साथ बैठकर बात करेंगे’
मोहन भागवत के साथ संभावित बातचीत के सवाल पर USCIRF कमिश्नर आसिफ महमूद ने संवाद की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा अवसर मिलता है और व्यवस्था की जा सकती है तो वह भागवत के साथ बैठकर बातचीत करने तथा अधिक जागरूकता पैदा करने के लिए तैयार हैं।
महमूद ने कहा कि बातचीत के दौरान RSS की ओर से दिए जाने वाले आश्वासन उनकी स्थिति को बदलने में भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उनका उद्देश्य संवाद के माध्यम से संबंधित मुद्दों को समझना और चर्चा करना है।
RSS पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप
आसिफ महमूद ने भारत के प्रति सम्मान जताते हुए RSS को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के अनुसार RSS नफरत पैदा करने वाली गतिविधियों में शामिल है और धार्मिक स्वतंत्रता के साथ-साथ मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।
महमूद के इन आरोपों के बीच RSS ने अपने न्यूयॉर्क कार्यक्रम को खुले संवाद और आपसी सम्मान की भावना पर आधारित बताया है।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त को कार्यक्रम
मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय मूल के लोगों और अन्य समुदायों के बीच आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ नाम से प्रस्तावित कार्यक्रम में करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है।
भागवत इस समय RSS के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर हैं।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी जताया विरोध
भागवत के कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी भी अपनी असहमति जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वह इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते, हालांकि निजी कार्यक्रम को रद्द करने के मामले में शहर के अधिकार क्षेत्र को लेकर उन्होंने सवाल उठाया था।
ममदानी ने कहा था कि जिस भारत को उन्होंने जाना और समझा है, वह एक बहुलतावादी समाज और धर्मनिरपेक्ष गणराज्य रहा है, जहां प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्थान है। उन्होंने भारत में कथित तौर पर ऐसी विचारधारा के बढ़ने पर चिंता जताई, जिसे वह किसी देश के बहिष्कारी दृष्टिकोण पर आधारित मानते हैं।
कई संगठनों ने भी किया कार्यक्रम का विरोध
भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम के विरोध में कई अंतरधार्मिक और नागरिक अधिकार संगठनों ने भी आवाज उठाई है। हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स, इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल और इंटरफेथ सेंटर ऑफ न्यूयॉर्क समेत कई संगठनों ने न्यूयॉर्क सिटी हॉल के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम का विरोध किया था।
इन संगठनों ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन से कार्यक्रम रद्द करने की मांग भी की थी।
RSS ने कहा- सभी के लिए खुले हैं संवाद के मंच
विवाद के बीच RSS ने कार्यक्रम का बचाव करते हुए इसे खुले संवाद और आपसी सम्मान की भावना से आयोजित बताया। RSS के राष्ट्रीय मीडिया एवं प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि न्यूयॉर्क में आयोजित ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ एक अंतरधार्मिक कार्यक्रम है, जिसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत विविध, बहुसांस्कृतिक और बहुधार्मिक दर्शकों से संवाद करेंगे।
RSS ने कहा कि कार्यक्रम भारतीय परंपरा की समावेशी भावना को दर्शाता है और सभी समुदायों के लोगों का स्वागत करता है। संगठन ने RSS की विचारधारा और दृष्टिकोण को समझने में रुचि रखने वाले लोगों को संवाद के इन खुले मंचों में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
शताब्दी वर्ष में वैश्विक संपर्क अभियान
मोहन भागवत का अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन का दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा है। इस दौरान संगठन की विचारधारा, सामाजिक कार्यों और दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न समुदायों के सामने रखने पर जोर दिया जा रहा है।
न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम को लेकर सामने आए बयानों से जहां राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हुई है, वहीं USCIRF कमिश्नर की संवाद की पेशकश और RSS का खुले मंच पर चर्चा का निमंत्रण इस विवाद के बीच बातचीत की संभावनाओं को भी सामने लाता है।
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