प्रयागराज में स्वामीनारायण मंदिर का हिस्सा ढहा, बड़ा हादसा टला; बारिश के बीच नींव कमजोर होने से भरभराकर गिरी दीवार

प्रयागराज के जॉर्ज टाउन स्थित स्वामीनारायण मंदिर का हिस्सा शुक्रवार देर रात ढह गया। पास में हुई खोदाई के गड्ढे में बारिश का पानी भरने से नींव कमजोर होने की आशंका है। हादसे में जनहानि नहीं हुई।

प्रयागराज। शहर के जॉर्ज टाउन क्षेत्र में स्थित स्वामीनारायण मंदिर का एक हिस्सा शुक्रवार देर रात अचानक ढह गया। मंदिर का हिस्सा गिरने से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में भी हलचल बढ़ गई। मंदिर के हिस्से के ढहने की वजह लगातार हो रही बारिश और पास में चल रही खोदाई को बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

25 दिन पहले मंदिर के बगल शुरू हुई थी खोदाई

जानकारी के अनुसार, करीब 25 दिन पहले मंदिर से सटे क्षेत्र में मकान निर्माण के लिए लगभग 200 वर्ग मीटर के दायरे में जमीन की खोदाई की गई थी। इसके बाद लगातार बारिश होने से खोदे गए गड्ढे में पानी भर गया।

पानी जमा होने के कारण आसपास की मिट्टी और जमीन कमजोर होने लगी। इसका असर मंदिर की नींव पर भी पड़ा। बताया जा रहा है कि नींव कमजोर होने के बाद मंदिर का हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया।

पानी भरने से कमजोर हुई मंदिर की नींव

लगातार बारिश के कारण खोदाई वाले स्थान पर पानी जमा हो गया था। पानी के चलते मिट्टी खिसकने और नींव के आसपास की जमीन कमजोर होने की स्थिति बनी। इसी वजह से मंदिर के हिस्से के ढहने की आशंका जताई जा रही है।

हादसे के बाद मंदिर परिसर में मलबा फैल गया। राहत की बात यह रही कि घटना देर रात हुई और उस समय मंदिर परिसर में कोई मौजूद नहीं था।

पहले भी हो चुका है खोदाई का असर

मंदिर के समीप हुई खोदाई से आसपास के निर्माण और रास्ते पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है। कुछ दिन पहले इसी खोदाई के कारण बंसल भवन परिसर की बाउंड्री क्षतिग्रस्त होकर गिर गई थी।

इसके अलावा नगर निगम की ओर से बनाई गई कच्ची सड़क के भी बह जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद से ही आसपास के क्षेत्र में जमीन की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई थी।

जांच के बाद साफ होगी हादसे की वजह

मंदिर का हिस्सा ढहने के बाद घटना के वास्तविक कारणों को लेकर जांच की जरूरत है। लगातार बारिश, खोदाई और पानी के जमाव के कारण नींव पर कितना असर पड़ा, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मंदिर के आसपास सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।

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