टीम इंडिया के सिलेक्शन में होता है भेदभाव? शिखर धवन ने दिया दो टूक जवाब

शिखर धवन ने टीम इंडिया के चयन में क्षेत्रीय भेदभाव की बात खारिज की। जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को कम मौके मिलने पर बोले- अच्छा खेलेंगे तो कोई बाहर नहीं रख सकता, किस्मत भी भूमिका निभाती है।

श्रीनगर। भारतीय क्रिकेट टीम के चयन में क्या खिलाड़ियों के साथ क्षेत्र के आधार पर भेदभाव होता है? जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में पर्याप्त मौके नहीं मिलने से जुड़े इस सवाल पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने टीम इंडिया के चयन में क्षेत्रीय भेदभाव की बात को खारिज करते हुए कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसे दुनिया में कोई भी बाहर नहीं रख सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कई बार चयन में किस्मत की भूमिका भी होती है।

शिखर धवन रविवार को श्रीनगर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रो स्टार क्रिकेट लीग के दूसरे सीजन की शुरुआत की घोषणा के लिए आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के स्टार क्रिकेटर परवेज रसूल और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा भी मौजूद थे।

‘अच्छा खेलेंगे तो दुनिया में कोई बाहर नहीं रख सकता’

पत्रकार ने धवन से सवाल किया कि क्या जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है, क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अधिक मौके नहीं मिलते। इस पर धवन ने साफ कहा कि टीम में चयन क्षेत्र के आधार पर नहीं होता।

उन्होंने कहा, “नहीं, निश्चित रूप से कोई भेदभाव नहीं होता। अगर आप अच्छा खेलते हैं तो दुनिया में कोई भी आपको बाहर नहीं रख सकता। आपका खेल ही आपकी पहचान बनता है। कभी-कभी किस्मत भी भूमिका निभाती है।”

धवन के मुताबिक चयन को केवल जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले खिलाड़ियों को भी कई बार ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है, जब अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाता।

दिल्ली-मुंबई के खिलाड़ियों का भी दिया उदाहरण

पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा कि यह स्थिति केवल जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े क्रिकेट केंद्रों से आने वाले खिलाड़ियों के साथ भी ऐसा हो सकता है।

धवन ने कहा, “यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है। चाहे दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का, आपको ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे जहां कोई खिलाड़ी मौके का हकदार था लेकिन उसे मौका नहीं मिला और उसकी जगह किसी और को चुन लिया गया। यह खेल का ही एक हिस्सा है।”

उनकी इस टिप्पणी का मतलब यह था कि टीम चयन में किसी खिलाड़ी को अवसर मिलना कई परिस्थितियों पर निर्भर करता है और हर बार इसे क्षेत्रीय भेदभाव से जोड़ना सही नहीं होगा।

आकिब नबी और सरफराज खान के चयन पर उठे थे सवाल

हाल में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद तेज गेंदबाज आकिब नबी और बल्लेबाज सरफराज खान के टीम इंडिया में चयन नहीं होने के बाद सोशल मीडिया पर चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे। खासतौर पर जम्मू-कश्मीर से आने वाले खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने की चर्चा फिर तेज हुई थी।

बाद में दोनों खिलाड़ियों को चोटिल खिलाड़ियों की जगह भारतीय टीम में शामिल किया गया, लेकिन अभी तक दोनों को प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिल सकी है। इसी पृष्ठभूमि में धवन से जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव से जुड़ा सवाल पूछा गया।

अगले साल मार्च में शुरू होगा प्रो स्टार क्रिकेट लीग का दूसरा सीजन

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रो स्टार क्रिकेट लीग के दूसरे सीजन को लेकर भी घोषणा की गई। लीग का दूसरा सीजन अगले साल मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होगा। इसकी शुरुआत जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला देहरादून में आयोजित किया जाएगा।

इस मौके पर शिखर धवन और जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर परवेज रसूल को लीग का आइकॉनिक खिलाड़ी घोषित किया गया। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा कमेंटेटर आकाश चोपड़ा को लीग का कमिश्नर बनाया गया है।

प्रो स्टार क्रिकेट लीग के दूसरे सीजन के आयोजन के साथ जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट को बढ़ावा देने और स्थानीय खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध कराने पर भी फोकस रहेगा।

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