“उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के स्पीड हंट कार्यक्रम में कानपुर के युवा तेज गेंदबाज सौरभ झा ने 138 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंद फेंककर नया रिकॉर्ड बनाया। महिला वर्ग में गरिमा यादव ने 108 किमी प्रतिघंटा की गति से गेंदबाजी कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।“
कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की ओर से प्रदेश के सबसे तेज गेंदबाजों की तलाश के लिए आयोजित स्पीड हंट प्रतियोगिता में कानपुर के युवा तेज गेंदबाज सौरभ झा ने इतिहास रच दिया। उन्होंने 138 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंद फेंककर प्रतियोगिता की अब तक की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
कमला क्लब में आयोजित ट्रायल के दौरान सौरभ की रफ्तार और सटीकता ने चयनकर्ताओं के साथ मौजूद क्रिकेट प्रेमियों को भी प्रभावित किया। उनकी इस उपलब्धि को उत्तर प्रदेश क्रिकेट में उभरती तेज गेंदबाजी प्रतिभा के रूप में देखा जा रहा है।
पांच वर्षों की मेहनत का मिला बड़ा परिणाम
सौरभ झा पिछले पांच वर्षों से कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के एमयूसी क्लब से क्रिकेट खेल रहे हैं। लगातार अभ्यास और फिटनेस पर विशेष ध्यान देने का परिणाम उनकी रफ्तार में देखने को मिला।
ट्रायल में अब तक अधिकांश गेंदबाज 120 से 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति तक ही पहुंच पाए थे, लेकिन सौरभ ने 138 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंद डालकर सभी को चौंका दिया।
महिला वर्ग में गरिमा यादव ने दिखाई रफ्तार
महिला वर्ग में भी प्रतिभाओं ने अपनी छाप छोड़ी। गरिमा यादव ने 108 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर महिला वर्ग में सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड बनाया।
उनकी इस उपलब्धि को महिला क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की बढ़ती संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है।
75 जिलों से 9,625 खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण
यूपीसीए के स्पीड हंट कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से कुल 9,625 खिलाड़ियों ने भाग लिया है। प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छिपी तेज गेंदबाजी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें पेशेवर मंच उपलब्ध कराना है।
14 जून से शुरू हुए ट्रायल में अब तक गाजीपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
शीर्ष 10 गेंदबाजों को मिलेगा बड़ा मंच
प्रदेश स्तरीय ट्रायल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 10 तेज गेंदबाजों को 24 जुलाई को आगरा में आयोजित होने वाले मिनी ऑक्शन में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
इस ऑक्शन में प्रदेश की प्रमुख क्रिकेट फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों पर बोली लगाएंगी, जिससे युवा खिलाड़ियों के लिए पेशेवर क्रिकेट में आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।
छह फ्रेंचाइजी की रहेगी नजर
मिनी ऑक्शन में प्रदेश की प्रमुख टीमें प्रतिभाशाली गेंदबाजों का चयन करेंगी। इनमें कानपुर सुपर स्टार, मेरठ मैवेरिक्स, लखनऊ फाल्कंस, नोएडा सुपर किंग्स, गोरखपुर लायंस और काशी रुद्रांश जैसी फ्रेंचाइजी शामिल होंगी।
इन टीमों की नजर उन गेंदबाजों पर रहेगी जो रफ्तार के साथ निरंतरता और नियंत्रण का भी प्रदर्शन करेंगे।
आगरा और मेरठ में होगा अंतिम चरण
स्पीड हंट ट्रायल के अंतिम चरण में अब आगरा और मेरठ के गेंदबाज अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। तीन और चार जुलाई को आगरा में 14 जिलों के 1,245 खिलाड़ी ट्रायल में भाग लेंगे, जबकि सात और आठ जुलाई को मेरठ में सात जिलों के 1,241 तेज गेंदबाज अपनी रफ्तार का प्रदर्शन करेंगे।
इसके बाद प्रदेश के सबसे तेज गेंदबाजों का फाइनल ट्रायल आयोजित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश को मिल सकते हैं नए तेज गेंदबाज
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा अवसर प्रदान करते हैं। यदि इन खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलता है तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तेज गेंदबाज निकल सकते हैं।
सौरभ झा की 138 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार ने यह संकेत दे दिया है कि उत्तर प्रदेश की क्रिकेट प्रतिभा अब केवल बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि तेज गेंदबाजी में भी प्रदेश नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।
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