लखनऊ में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और आईडी कार्ड बनाकर करोड़ों की ठगी, STF ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

यूपी एसटीएफ ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। आरोपी रेलवे, सेना, डाक विभाग समेत कई सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और आईडी कार्ड बनाकर युवाओं को ठगते थे।

लखनऊ/मुरादाबाद। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का दावा कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलते थे।

आरोपियों की पहचान असरफ अली और विवेक के रूप में हुई है। दोनों मुरादाबाद जिले के निवासी हैं। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद की गई है।

रेलवे, सेना और डाक विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार आरोपी बेरोजगार युवाओं को भारतीय रेलवे, भारतीय सेना, भारतीय डाक विभाग, वन विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण और बिजली विभाग समेत विभिन्न संस्थानों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाते थे।

गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को विश्वास में लेने के लिए खुद को प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों से जुड़ा हुआ बताते थे तथा चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने का दावा करते थे।

फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और नकली आईडी कार्ड से करते थे ठगी

जांच में सामने आया है कि आरोपी अभ्यर्थियों से आठ से दस लाख रुपये तक की रकम वसूलते थे। पैसे लेने के बाद वे फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर ई-मेल के माध्यम से भेज देते थे।

इसके बाद युवाओं को दिल्ली बुलाया जाता था और उन्हें सरकारी कार्यालयों के आसपास ले जाकर यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनकी नियुक्ति हो चुकी है। गिरोह के सदस्य उन्हें होटल में ठहराते थे और बाद में नकली पहचान पत्र सौंप देते थे।

इतना ही नहीं, विश्वास मजबूत करने के लिए कुछ दिनों तक कथित प्रशिक्षण भी कराया जाता था और बाद में जल्द ड्यूटी जॉइन कराने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता था।

दो वर्षों से सक्रिय था गिरोह

एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और इस दौरान 20 से 25 से अधिक युवाओं को अपना शिकार बना चुका है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कितने लोग शामिल थे।

सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि गिरोह के सदस्य मुरादाबाद क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाया गया और देर रात दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

मामले में संबंधित थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसटीएफ की टीमें गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हैं।

अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को पैसे देने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच कर लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

बेरोजगार युवाओं को बना रहे थे निशाना

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में युवाओं को केवल आधिकारिक वेबसाइटों और वैध भर्ती प्रक्रियाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।

एसटीएफ का कहना है कि इस तरह के गिरोहों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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