पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर और प्रवर्तन सिपाही भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण, आयु सीमा में भी छूट

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने को मंजूरी दी है। पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट भी मिलेगी।

लखनऊ। लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में आरक्षण देने से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। कैबिनेट ने जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस फैसले के तहत चार वर्ष की अग्निवीर सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीर इन दोनों विभागों की संबंधित सीधी भर्तियों में आरक्षण का लाभ ले सकेंगे।

प्रवर्तन सिपाही भर्ती में मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण

परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही के पद पर होने वाली सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया जाएगा। यह आरक्षण अभ्यर्थी की मूल सामाजिक श्रेणी के भीतर ही समायोजित होगा।

यानी पूर्व अग्निवीर जिस सामाजिक श्रेणी से संबंधित होगा, उसे उसी श्रेणी में आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। कैबिनेट के फैसले का उद्देश्य अग्निवीर के रूप में चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य की सरकारी भर्तियों में अवसर उपलब्ध कराना है।

जेल वार्डर भर्ती में भी 20 प्रतिशत कोटा

परिवहन विभाग के अलावा जेल विभाग में जेल वार्डर की सीधी भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी गई है।

इस व्यवस्था के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीर जेल वार्डर के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में आरक्षण का लाभ ले सकेंगे। भर्ती नियमों के अनुरूप उनकी पात्रता और अन्य शर्तें लागू रहेंगी।

अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट

आरक्षण के साथ पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में भी राहत दी गई है। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक संबंधित भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। इससे अग्निवीर सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

यह व्यवस्था खास तौर पर उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो चार वर्ष की अग्निवीर सेवा पूरी करने के बाद राज्य सरकार की इन भर्तियों में शामिल होना चाहते हैं।

क्या है क्षैतिज आरक्षण?

क्षैतिज आरक्षण का मतलब यह है कि संबंधित आरक्षण विभिन्न सामाजिक श्रेणियों के भीतर लागू होता है। इसी वजह से पूर्व अग्निवीर को उसकी मूल श्रेणी में ही समायोजित करने का प्रावधान किया गया है।

मसलन, यदि कोई पूर्व अग्निवीर जिस सामाजिक श्रेणी से आता है, भर्ती में उसका चयन होने पर उसे उसी श्रेणी के निर्धारित कोटे में समायोजित किया जाएगा।

PRD जवानों को भी राहत, स्वास्थ्य सुविधा का लाभ

कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों के अलावा प्रांतीय रक्षक दल (PRD) स्वयंसेवकों, परिषदीय रसोइयों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं से जुड़े फैसले भी किए गए।

इन कर्मियों और उनके परिवारों को आयुष्मान कार्ड के तहत प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है। इसके अलावा PRD स्वयंसेवकों के मानदेय/ड्यूटी भत्ते में वृद्धि से संबंधित निर्णय भी कैबिनेट ने लिया है।

चार साल की सेवा के बाद पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा लाभ

अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष निर्धारित है। ऐसे में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद बाहर आने वाले युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में अवसर महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

उत्तर प्रदेश कैबिनेट के इस फैसले से जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग से 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान होगा।

भर्ती नियमों में किया जाएगा आवश्यक बदलाव

कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभागों की भर्ती नियमावली में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद भविष्य में होने वाली पात्र भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण और आयु छूट का प्रावधान लागू होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर कैबिनेट के फैसलों को नियमित रूप से प्रकाशित किया जाता है।

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