काशी से वडनगर तक 500 बाइकर्स का ‘संकल्प सफर’, 25 साल की जनसेवा का संदेश लेकर निकलेंगे युवा

PM Modi Birthday 2026: प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर काशी से वडनगर तक 500 बाइकर्स की सेवा संकल्प यात्रा शुरू होगी। 250 बाइकों पर सवार युवा 25 साल की जनसेवा के संदेश के साथ करीब 20 दिन में यात्रा पूरी करेंगे।

काशी से शुरू होगा सेवा संकल्प का बाइक सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत काशी से गुजरात के वडनगर तक बाइक यात्रा निकाली जा रही है। वाराणसी से शुरू होने वाली इस यात्रा में करीब 500 बाइकर्स 250 मोटरसाइकिलों पर सवार होंगे। यात्रा 17 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर को वडनगर में समाप्त होने का कार्यक्रम है।

इस अभियान में अलग-अलग राज्यों के युवा शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, यात्रा को केवल बाइक रैली के तौर पर नहीं बल्कि युवाओं को सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने वाले अभियान के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

25 साल की जनसेवा से जुड़ेगा अभियान

भाजपा के अनुसार, ‘जन सेवा से देश सेवा-25 साल संकल्प अभियान’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों से जुड़े सेवा और राष्ट्र निर्माण के संदेश को युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका संसदीय क्षेत्र है। दोनों स्थानों को जोड़ने वाली इस यात्रा को अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यात्रा लगभग 20 दिन चलेगी और 7 अक्टूबर को वडनगर में समापन प्रस्तावित है।

अलग-अलग राज्यों के युवा होंगे शामिल

यात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से युवा शामिल हो रहे हैं। प्रतिभागियों के मुताबिक असम से गुजरात और कश्मीर से दक्षिण भारत तक के युवाओं को इसमें शामिल किया गया है।

प्रतिभागियों को अलग-अलग समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक समूह के साथ समन्वय की व्यवस्था की गई है। आयोजकों की ओर से रूट चार्ट उपलब्ध कराया गया है और यात्रा के दौरान निर्धारित अंतराल पर ठहराव रखे गए हैं।

इन पड़ावों पर भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था के साथ विभिन्न कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। इसके बाद समूह अगले पड़ाव के लिए रवाना होंगे।

संगठनात्मक सक्रियता भी चयन का आधार

यात्रा में शामिल कुछ प्रतिभागियों के अनुसार, युवाओं के चयन में केवल बाइक चलाने की क्षमता को आधार नहीं बनाया गया। संगठनात्मक सक्रियता, संवाद क्षमता और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी जैसे पहलुओं को भी महत्व दिया गया।

प्रतिभागियों में विभिन्न राज्यों से भाजपा तथा उससे जुड़े संगठनों के पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता भी शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार यात्रा के दौरान युवाओं को स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद करने और अभियान से जुड़े विषयों की जानकारी देने की जिम्मेदारी भी दी गई है।

गांवों और पड़ावों तक पहुंचाया जाएगा संदेश

यात्रा से जुड़े युवाओं के अनुसार, रास्ते में आने वाले गांवों और पड़ाव वाले स्थानों पर सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

यात्रा के लिए अलग-अलग समूह बनाए गए हैं और प्रत्येक समूह के संचालन की जिम्मेदारी तय की गई है। रूट के विभिन्न चरणों में ठहराव और कार्यक्रमों का प्रबंधन पहले से निर्धारित किया गया है।

लखनऊ से भेजी गईं बाइकें

यात्रा की व्यवस्था के तहत प्रतिभागियों के लिए इस्तेमाल होने वाली बाइकें लखनऊ से मंगाई गई हैं। प्रत्येक बाइक के लिए नंबर निर्धारित किए गए हैं और यात्रा के अलग-अलग चरणों के लिए प्रबंधन व्यवस्था बनाई गई है।

आयोजन से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, अंतिम चरण में सभी बाइकर्स 7 अक्टूबर को गुजरात के वडनगर पहुंचेंगे। वहां समापन कार्यक्रम के बाद बाइकें निर्धारित स्थान पर जमा कर प्रतिभागियों के अपने-अपने राज्यों की ओर लौटने की व्यवस्था रहेगी।

40 हजार किलोमीटर के सफर का दावा

यात्रा से जुड़े आयोजकों और रिपोर्टों के अनुसार, काशी और वडनगर को जोड़ने वाले इस व्यापक अभियान में कुल मिलाकर करीब 40 हजार किलोमीटर की दूरी तय किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों दिशाओं में होने वाली यात्राओं को मिलाकर अभियान को लगभग 10 राज्यों, 193 जिलों और 1,159 गांवों से जोड़ने की जानकारी भी दी गई है।

इसके अलावा यात्रा के दौरान पौधरोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण, नशामुक्ति और टीबी मुक्त भारत जैसे सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम भी प्रस्तावित बताए गए हैं।

यात्रा को पुलिस एस्कॉर्ट करेगी

वाराणसी से वडनगर जाने वाले बाइकर्स की सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से भी व्यवस्था की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 250 बाइकों पर सवार 500 बाइकर्स के साथ पुलिस टीम रहेगी और यात्रा को एस्कॉर्ट किया जाएगा।

इससे पहले यात्रा को लेकर वाराणसी में धार्मिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित किए गए हैं। ललिता घाट से गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और उसके बाद रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से यात्रा को रवाना करने का कार्यक्रम बताया गया है।

काशी और वडनगर को जोड़ने वाली दो यात्राएं

सेवा संकल्प अभियान के तहत केवल वाराणसी से वडनगर की यात्रा ही नहीं, बल्कि वडनगर से वाराणसी की दिशा में भी बाइक यात्रा आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों यात्राओं को 17 सितंबर को शुरू करने और 7 अक्टूबर को समापन का कार्यक्रम बताया गया है।

इस तरह अभियान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर और उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी को दोनों दिशाओं से जोड़ने की योजना बनाई गई है। आयोजकों के अनुसार, इन यात्राओं के माध्यम से युवाओं को सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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