“सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के निधन पर अखिलेश यादव ने भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने चौधरी को समाजवादी मूल्यों और सामाजिक न्याय का मजबूत पक्षधर बताते हुए उनके योगदान को याद किया।“
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का निधन हो गया। उनके निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावुक पोस्ट लिखकर वरिष्ठ समाजवादी नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके राजनीतिक जीवन तथा समाजवादी आंदोलन में योगदान को याद किया।
राम गोविंद चौधरी के पार्थिव शरीर पर समाजवादी पार्टी का झंडा दिखाई दिया। अखिलेश यादव ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और अन्य लोग भी अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे।
अखिलेश यादव ने बताया ‘समाजवादी प्रकाश-स्तंभ’
अखिलेश यादव ने अपने शोक संदेश में राम गोविंद चौधरी को समाजवादी आंदोलन का महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी ने ऐसे दौर में भी समाजवादी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा, जब विधानसभा में पार्टी के 50 विधायक भी नहीं थे।
अखिलेश यादव ने लिखा कि राम गोविंद चौधरी ने महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी विचारक जयप्रकाश नारायण तथा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नेतृत्व में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल को आगे बढ़ाया।
उन्होंने अपने संदेश में चौधरी को एक ऐसा समाजवादी प्रकाश-स्तंभ बताया, जिसकी राजनीतिक विचारधारा और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेंगे।
छात्र राजनीति से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक का सफर
अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बलिया की धरती से छात्र राजनीति के कठिन रास्ते से होते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सदन में राम गोविंद चौधरी की आवाज और उनके तर्कों का सम्मान होता था। सामाजिक न्याय के मुद्दों पर वह लगातार सक्रिय रहे और जनहित को अपने राजनीतिक जीवन में प्राथमिकता दी।
अखिलेश यादव के मुताबिक, विपक्ष के नेता के रूप में चौधरी ने उस समय भी अपनी आवाज मजबूती से उठाई, जब विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों की संख्या 50 से कम थी। उनके बोलने के दौरान सदन में उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाता था।
सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के लिए संघर्ष को किया याद
अखिलेश यादव ने कहा कि राम गोविंद चौधरी ने संवैधानिक, लोकतांत्रिक, समाजवादी और पंथनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के साथ स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के लिए संघर्ष करने की सीख दी।
उन्होंने कहा कि चौधरी का आम लोगों और जमीन से गहरा जुड़ाव था। यही जुड़ाव उनके राजनीतिक व्यक्तित्व की महत्वपूर्ण पहचान बना और उन्हें एक सक्रिय राजनीतिक पाठशाला के रूप में स्थापित करता रहा।
मुलायम सिंह यादव के साथ भी रहा राजनीतिक जुड़ाव
अपने श्रद्धांजलि संदेश में अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ राम गोविंद चौधरी के लंबे राजनीतिक जुड़ाव को भी याद किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव के साथ राम गोविंद चौधरी समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्ष में हमेशा एकजुट रहे। उन्होंने कहा कि अब पार्टी के लोगों की जिम्मेदारी है कि वरिष्ठ समाजवादी नेताओं के विचारों और सपनों को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट होकर काम करें।
अखिलेश यादव ने दी अंतिम श्रद्धांजलि
राम गोविंद चौधरी के निधन से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक है। अखिलेश यादव ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार तथा समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पार्टी के वरिष्ठ नेता के निधन के बाद उनके लंबे राजनीतिक जीवन और समाजवादी आंदोलन में योगदान को याद किया जा रहा है।
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