IAS से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी से शुरू करेंगी नई पारी; बोलीं- किसी पार्टी के साथ नहीं चलूंगी

“Divya Mittal Politics: पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में प्रवेश का ऐलान किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने और अलग राजनीतिक दल बनाने की बात कही।“

लखनऊ। करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद IAS पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल अब सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने जा रही हैं। मंगलवार को उन्होंने अपने अगले कदम का ऐलान करते हुए उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने की बात कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल के साथ जुड़ने के बजाय अपना अलग राजनीतिक संगठन/दल बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।

दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में लोगों से सीधे जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को लगता है कि उनकी बात उनकी भी आवाज है, तो वे दिए गए WhatsApp नंबर पर संदेश भेज सकते हैं।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नई राजनीतिक पारी

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच दिव्या मित्तल का राजनीति में प्रवेश चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व नौकरशाह के रूप में करीब 13 वर्षों तक प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने के बाद अब वह राजनीतिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की तैयारी कर रही हैं।

उनके ताजा ऐलान से यह स्पष्ट है कि शुरुआती दौर में वह सीधे लोगों से संवाद और डिजिटल माध्यमों के जरिए अपना आधार तैयार करने पर जोर दे रही हैं। हालांकि उनकी पार्टी का विस्तृत स्वरूप, विचारधारा, संगठनात्मक ढांचा, सदस्यता अभियान और चुनावी रणनीति अभी सामने आना बाकी है।

इस्तीफा देने के बाद से ही राजनीतिक एंट्री की चर्चा

दिव्या मित्तल ने कुछ समय पहले IAS सेवा से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। उन्होंने स्वयं संभावित विकल्पों के तौर पर परिवार को समय देने, विदेश लौटने, कोचिंग करने, किताब लिखने और राजनीति में आने जैसी संभावनाओं का जिक्र किया था।

अब उन्होंने राजनीति को अपना अगला रास्ता चुना है। उनके मुताबिक वह उत्तर प्रदेश से इस नई यात्रा की शुरुआत करेंगी।

WhatsApp के जरिए लोगों से जुड़ने की अपील

दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में लोगों से कहा कि अगर उन्हें लगता है कि उनकी बात उनकी भी आवाज है तो वे WhatsApp के जरिए उनसे संपर्क कर सकते हैं। इससे संकेत मिलता है कि उनकी राजनीतिक पहल में प्रत्यक्ष जनसंवाद के साथ डिजिटल माध्यम की भी भूमिका रहेगी।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह अपने संगठन में किन मुद्दों को प्राथमिकता देती हैं और प्रदेश की राजनीति में अपनी भूमिका किस तरह तय करती हैं।

13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद सियासत का रुख

दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। करीब 13 वर्ष की प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह संत कबीरनगर, मीरजापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं।

इसके अलावा उन्होंने मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट, गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।

मीरजापुर में जल परियोजना से मिली पहचान

प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान मीरजापुर के लहुरियादह गांव में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पहल के कारण भी दिव्या मित्तल चर्चा में रही थीं। उनके प्रशासनिक कार्यों और सोशल मीडिया पर सक्रियता के चलते उनकी सार्वजनिक पहचान पहले से बनी हुई थी।

दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा में आने से पहले आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की थी। वह विदेश में भी काम कर चुकी हैं।

अब संगठन और चुनावी रणनीति पर निगाह

दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश के बाद अब उनके अगले कदम पर नजर रहेगी। फिलहाल उन्होंने उत्तर प्रदेश से राजनीतिक सफर शुरू करने और अलग राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की है। हालांकि कितने क्षेत्रों में चुनाव लड़ना है, संगठन का विस्तार कैसे होगा और किन मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे में शामिल किया जाएगा, इस पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक पूर्व IAS अधिकारी का स्वतंत्र राजनीतिक मंच के साथ सामने आना प्रदेश की चुनावी राजनीति में एक नया घटनाक्रम है।

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