“राहुल गांधी ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मार्च और याचिका दाखिल करने की बात कही।“
नई दिल्ली। दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली को जेल और किले जैसी स्थिति में बदल दिया गया है। राहुल गांधी के मुताबिक, लोगों को राजधानी पहुंचने में परेशानी हो रही है और कई जगह पुलिस की तैनाती की गई है।
इस बीच, INDIA गठबंधन के नेताओं ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और चुनाव की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों पर याचिका दाखिल करने की बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और उन्होंने इस विषय पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, जवाब मिलने के बाद गठबंधन ने न्यायालय में याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है।
दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में कथित वोट चोरी के विरोध में कई दिनों से प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि राजधानी में इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था क्यों की गई है। उनके अनुसार, शहर में पुलिस की व्यापक तैनाती है और लोगों को बसों तथा ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली आने में भी रोके जाने की शिकायतें मिल रही हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहें, लेकिन उन्होंने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उनके बयान के मुताबिक, यह स्थिति चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जनता का ध्यान आकर्षित करने की विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है।
पुलिसकर्मियों को लेकर भी किया दावा
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि उन्हें ऐसी खबरें मिल रही हैं कि कुछ पुलिसकर्मी युवाओं के खिलाफ कथित सख्ती के आदेशों से असहज हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों को कथित रूप से छूट दिए जाने का आरोप भी लगाया।
हालांकि, पुलिसकर्मियों की नाराजगी और कार्रवाई संबंधी निर्देशों को लेकर राहुल गांधी के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या केंद्र सरकार का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं तथा ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए।
विपक्ष लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाता रहा है। वहीं, इन आरोपों की वास्तविक स्थिति तय करने के लिए संबंधित दस्तावेजों, चुनाव आयोग के जवाब और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों को देखना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर लोकतंत्र तथा चुनाव की निष्पक्षता को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। उनके अनुसार, CJI की ओर से जवाब मिलने और याचिका दाखिल करने का निर्देश मिलने के बाद INDIA गठबंधन के नेताओं ने एक साथ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया।
गठबंधन का कहना है कि वह चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को न्यायिक मंच पर उठाना चाहता है। हालांकि, याचिका दाखिल होने, उसके विषय और न्यायालय की ओर से आगे की कार्रवाई की पुष्टि आधिकारिक जानकारी मिलने पर ही की जा सकेगी।
पुलिस, अर्धसैनिक बलों और जनता को लेकर राहुल गांधी का दावा
राहुल गांधी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके रुख को सही बता रहे हैं। उन्होंने पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और आम जनता को एक तरफ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयोग के कुछ सदस्यों पर निशाना साधा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि विपक्ष जिन मुद्दों को उठा रहा है, वे कथित वोट चोरी और चुनावी निष्पक्षता से जुड़े हैं। ये सभी आरोप राहुल गांधी के बयान पर आधारित हैं। संबंधित संस्थाओं का पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चुनावी निष्पक्षता पर सियासी टकराव तेज
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और INDIA गठबंधन के प्रस्तावित मार्च ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव से जोड़कर उठा रहा है, जबकि मामले में आगे की स्थिति सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होने वाली याचिका और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
फिलहाल, राहुल गांधी के बयान और INDIA गठबंधन की प्रस्तावित न्यायिक कार्रवाई इस राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं।
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