“बांग्लादेश की इंटरसिटी ट्रेनों के लिए कपूरथला में बने 200 आधुनिक रेल कोच शाहजहांपुर से गुजरे। करीब 915 करोड़ रुपये की परियोजना में एसी स्लीपर, चेयर कार, बेबी केयर रूम, प्रार्थना कक्ष और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।“
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बुधवार को उस समय लोगों की उत्सुकता बढ़ गई, जब बांग्लादेश के लिए तैयार किए गए आधुनिक रेल कोचों की एक खेप यहां से होकर गुजरी। भारत में निर्मित इन कोचों को देखने के लिए रेलवे ट्रैक के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। आधुनिक डिजाइन और यात्री सुविधाओं से लैस इन कोचों की खेप ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ये कोच बांग्लादेश की इंटरसिटी ट्रेनों में इस्तेमाल किए जाने के लिए तैयार किए गए हैं।
इन कोचों का निर्माण पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में किया गया है। यह आपूर्ति ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत में निर्मित रेल उपकरणों और कोचों की क्षमता को दर्शाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश को 200 आधुनिक कोच उपलब्ध कराने के लिए करीब 915 करोड़ रुपये का समझौता किया गया है। इसी समझौते के तहत कोचों की खेप भेजी जा रही है।
कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री में तैयार हुए आधुनिक कोच
बांग्लादेश के लिए तैयार किए गए ये कोच कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में बनाए गए हैं। यहां आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखकर रेल कोचों का निर्माण किया जाता है। देश में चलने वाली कई ट्रेनों में भी इस फैक्ट्री में बने कोचों का इस्तेमाल किया जाता है।
बांग्लादेश की इंटरसिटी ट्रेनों के लिए तैयार कोचों में यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। इनमें वातानुकूलित स्लीपर, एसी चेयर कार और नॉन-एसी चेयर कार श्रेणी के कोच शामिल हैं। इस तरह अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों को ध्यान में रखकर कोचों की व्यवस्था की गई है।
भारत में निर्मित इन कोचों की आपूर्ति पड़ोसी देश के रेल नेटवर्क में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। हालांकि, इन कोचों को बांग्लादेश में किन मार्गों पर और किस समय से चलाया जाएगा, इसकी जानकारी संबंधित रेलवे की आधिकारिक घोषणा से स्पष्ट होगी।
बेबी केयर रूम से लेकर प्रार्थना कक्ष तक की सुविधा
इन आधुनिक कोचों की खासियत केवल उनका डिजाइन ही नहीं, बल्कि इनमें दी गई यात्री सुविधाएं भी हैं। जानकारी के मुताबिक, कोचों में बेबी केयर रूम और प्रार्थना कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों और प्रार्थना के लिए स्थान चाहने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।
इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में सहायता के लिए सीसीटीवी कैमरे तथा पैसेंजर अलार्म सिस्टम जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी में मदद मिलती है, जबकि पैसेंजर अलार्म सिस्टम जरूरत पड़ने पर संबंधित रेलकर्मियों तक सूचना पहुंचाने में सहायक होता है।
इन सुविधाओं के जरिए यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित रेल यात्रा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
915 करोड़ रुपये के समझौते के तहत 200 कोचों की आपूर्ति
बांग्लादेश के लिए इन आधुनिक रेल कोचों की आपूर्ति करीब 915 करोड़ रुपये के समझौते के तहत की जा रही है। इस समझौते में कुल 200 कोच शामिल बताए गए हैं। कोचों की खेप चरणबद्ध तरीके से भेजे जाने की स्थिति में अलग-अलग खेपों का परिवहन जारी रह सकता है।
यह परियोजना भारतीय रेल निर्माण उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देश में निर्मित आधुनिक कोचों की विदेश में आपूर्ति से भारत की विनिर्माण क्षमता और रेलवे क्षेत्र में तकनीकी दक्षता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
हालांकि, समझौते के तहत सभी कोचों की आपूर्ति पूरी होने की समयसीमा और बांग्लादेश में उनके परिचालन की तारीख के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
शाहजहांपुर में कोचों को देखने उमड़ी लोगों की भीड़
बांग्लादेश के लिए तैयार इन कोचों की खेप जब शाहजहांपुर से गुजरी, तो लोगों में इसे देखने को लेकर उत्सुकता दिखाई दी। विदेशी रेल नेटवर्क के लिए भारत में बने आधुनिक कोचों को अपने क्षेत्र से गुजरते देख लोग आकर्षित हुए।
आमतौर पर रेलवे ट्रैक से गुजरने वाली मालगाड़ियों और विशेष रेल खेपों पर लोगों का ध्यान जाता है, लेकिन इस बार आधुनिक यात्री कोचों की बनावट और उन पर विशेष ध्यान देने की वजह से भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी। यह खेप भारत में निर्मित रेल कोचों की विदेश तक पहुंच का उदाहरण भी है।
‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारतीय रेल निर्माण को बढ़ावा
‘मेक इन इंडिया’ पहल का उद्देश्य देश में विनिर्माण को प्रोत्साहित करना और भारतीय उत्पादों की घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ाना है। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में तैयार इन कोचों की बांग्लादेश को आपूर्ति इसी व्यापक औद्योगिक क्षमता का उदाहरण है।
रेलवे क्षेत्र में आधुनिक कोचों का निर्माण केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है। इसमें सुरक्षा उपकरण, निगरानी प्रणाली, यात्री अनुकूल डिजाइन और विभिन्न श्रेणियों की जरूरतों को ध्यान में रखना भी महत्वपूर्ण होता है।
शाहजहांपुर से गुजरी यह खेप इस बात को रेखांकित करती है कि भारत में तैयार रेल कोचों की आपूर्ति दूसरे देशों तक भी की जा रही है। अब इन कोचों के बांग्लादेश पहुंचने, निर्धारित परीक्षण और परिचालन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी।
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