
पटना। जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए जनता ही सबसे बड़ी पार्टी है और जनता ही भगवान है। वही उनके भविष्य का फैसला करेगी।
अनंत सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों और एमएलसी चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार का विरोध करने के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित किया गया है। इस कार्रवाई के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें किसी नेता के सहारे की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “हम जनता के साथ हैं। जनता ही मेरी पार्टी है। जनता भगवान है।”

बोले- सरकार बचाने में हमने निभाई थी अहम भूमिका
अनंत सिंह ने बिहार में हुए फ्लोर टेस्ट का जिक्र करते हुए दावा किया कि जब सरकार पर संकट था, तब उन्होंने उसका साथ दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्री अशोक चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि उनसे पूछिए कि उस समय सरकार को किसने बचाया था।
विधायक ने कहा कि उन्होंने पार्टी के मुश्किल समय में साथ दिया, लेकिन अब उनके साथ न्याय करने वाला कोई नहीं है। उन्हें उम्मीद है कि जनता उनके साथ न्याय करेगी।
नेताओं पर साधा निशाना
अनंत सिंह ने अपने बयान में नेताओं और मंत्रियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समय आने पर सबको पता चल जाएगा। साथ ही उन्होंने करीब 25 महीने का जिक्र करते हुए अपने विरोधियों को लेकर भी टिप्पणी की।
उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी नेता या दल के साथ आगे जुड़ने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की।
JDU से निष्कासन के बाद आगे क्या करेंगे अनंत सिंह?
छह साल के निष्कासन के बाद अब सबकी नजर अनंत सिंह के अगले राजनीतिक कदम पर है। उन्होंने जनता पर भरोसा जताया है, लेकिन यह साफ नहीं किया है कि वह भविष्य में किस पार्टी के साथ रहेंगे या अपनी राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ाएंगे। मोकामा की राजनीति में उनके अगले कदम को लेकर अब अटकलें तेज हो गई हैं।








