“सुलतानपुर में गविष्ठि यात्रा के दौरान ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए गाय, वेद और ब्राह्मण की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने गौ हत्या, बूचड़खानों और काशी मंदिर ध्वस्तीकरण पर भी सवाल उठाए।”
सुलतानपुर। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए गाय, वेद और ब्राह्मण की सुरक्षा बेहद आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में गौ सेवा के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है, जबकि गौ माता की सुरक्षा के लिए कठोर कानून नहीं बनाए जा रहे हैं।
ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को गविष्ठि यात्रा के दौरान कुड़वार स्थित महाकाल मंदिर पहुंचे थे। मंदिर परिसर में सनातन धर्मावलंबियों ने उनका स्वागत किया और चरण पादुका पूजन किया।
‘गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए’
सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि वह गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर पिछले करीब डेढ़ महीने से यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 24 जुलाई को लखनऊ में समाप्त होगी।
उन्होंने कहा कि हिंदुओं का परम कर्तव्य गौ माता की रक्षा करना है और समाज को इस दिशा में गंभीरता से आगे आना चाहिए।
राजनीतिक दलों पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद वही सरकारें बूचड़खानों को लाइसेंस देती हैं, जो गौ रक्षा की बात करती हैं।
उन्होंने लोगों से ऐसी सरकार चुनने की अपील की जो गाय, ब्राह्मण और वेदों का सम्मान करे।
काशी में मंदिर ध्वस्तीकरण का मुद्दा भी उठाया
शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश में गायों की हत्या की घटनाएं नहीं रुकने का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने काशी में मंदिरों के ध्वस्तीकरण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीर कदम उठाने चाहिए।
कार्यक्रम में देवेंद्र पांडेय और साध्वी जगदम्बा समेत कई संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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