बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर, 60 गांव बाढ़ और कटान की चपेट में

बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। 60 गांव बाढ़ और कटान से प्रभावित हैं। 23,865 लोग और 5,450 परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

बाराबंकी। जिले में लगातार बारिश और सरयू नदी के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी का पानी बढ़ने से तराई क्षेत्र के करीब 60 गांव बाढ़ और कटान से प्रभावित हैं। कई गांवों में आवागमन प्रभावित हो गया है, जबकि कचनापुर-हेतमापुर मार्ग पर पानी भरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और राहत दल सक्रिय हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, कुछ परिवारों ने तटबंधों पर शरण ली है।

एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा पानी

सरयू नदी का जलस्तर सोमवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर 106.420 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।

नदी में गिरिजा, शारदा और सरयू बैराज से कुल 3,78,800 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई है। इससे नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है।

60 गांव बाढ़ और कटान से प्रभावित

सरयू के बढ़ते जलस्तर से तराई क्षेत्र के करीब 60 गांव प्रभावित हुए हैं। मदरहा, बल्लीपुर, पर्वतपुर, सुबेदारपुरवा, कोटारी गौरिया, चौसीपुरवा, गायघाट, बतनेरो, कलहंसपुरवा, गोबरहा, सनवा, अकोना, सरसंडा, टेपरा, भैरोकोल, परसावल, गेदरापुर, सराय और सुरजन समेत कई गांवों में बाढ़ का असर है।

इसके अलावा लोढ़मऊ, अतरौली, कसमौली, हौसिंगपुर, सिरौलीगौसपुर, करोंनी, कोटदरपुरवा, गोड़ियनपुरवा, पवक्कपुरवा, पुनौली, लोनियनपुरवा, कंगन पुरवा, डेमा, असवा, मुखियनपुरवा, जलालपुर तराई, खेता सराय, सैलाब, बसंतापुर, पांडेय पुरवा, सिकरी, जीवन, अतरसुइया, ककरहा, उमरहरा, चिरा, बेलहरी, बाबा पुरवा, केदारीपुर, बलाईपुर, हेतमापुर और सुंदरनगर का कबापुरवा भी प्रभावित हैं।

कचनापुर-हेतमापुर मार्ग पर आवागमन बंद

बाढ़ का पानी सड़कों तक पहुंचने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कचनापुर-हेतमापुर मार्ग पर पानी भर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे आसपास के गांवों के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

प्रभावित क्षेत्रों में नाव के सहारे लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। सुंदरनगर में भी जलभराव के कारण ग्रामीण नाव से आवाजाही कर रहे हैं।

तटबंध पर शरण लेने को मजबूर परिवार

बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण बेलहरी, बाबा पुरवा, केदारीपुर और बलाईपुर के करीब 100 परिवार तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों को बाढ़ का पानी और बढ़ने की चिंता सता रही है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी किया गया है। अब तक करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

23,865 लोग और 5,450 परिवार प्रभावित

बाढ़ से जिले में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ प्रभावित जनसंख्या 23,865 है, जबकि 5,450 परिवार प्रभावित हुए हैं। अब तक करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

बाढ़ से कुल 4,575.549 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसमें 1,505.431 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि शामिल है। वहीं, कटान से प्रभावित क्षेत्र का आंकड़ा 14,431 हेक्टेयर बताया गया है।

कई क्षेत्रों में बारिश भी जारी

जिले में सरयू नदी के जलस्तर के साथ बारिश ने भी मुश्किल बढ़ाई है। नवाबगंज तहसील क्षेत्र में तीन मिलीमीटर और फतेहपुर में 38 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हैदरगढ़, रामनगर और सिरौलीगौसपुर में हल्की बूंदाबांदी हुई।

बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी के जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांवों में सतर्कता बढ़ाई गई है।

कटान से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

बाढ़ के साथ सरयू के किनारे कटान भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। पानी के तेज बहाव से नदी के किनारे की जमीन प्रभावित हो रही है। इससे ग्रामीणों को मकान और कृषि भूमि के कटान का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नदी का जलस्तर लगातार निगरानी में है।

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