
“BRICS बिजनेस फोरम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भरोसेमंद व्यापार, आत्मनिर्भरता, मजबूत सप्लाई नेटवर्क और स्थिर कारोबारी माहौल पर जोर दिया।“
नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit 2026 से पहले शुक्रवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच भारत की भूमिका और भरोसेमंद व्यापार व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया।
जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलताओं के दौर से गुजर रही है। भू-राजनीतिक संघर्ष, महामारियां और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रही हैं। हालांकि, इसी दौर में डिजिटलीकरण और तकनीकी विकास नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं।
संकट के साथ बढ़ रहे हैं नए अवसर
विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक स्थिति में जोखिम और अवसर दोनों बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में देशों और कारोबारियों के लिए यह जरूरी है कि वे बदलती परिस्थितियों को समय रहते समझें, उनके अनुसार खुद को ढालें और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करें।
उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास और तेजी से हो रहा डिजिटलीकरण उत्पादकता, आर्थिक विकास और कारोबार के विस्तार के नए रास्ते खोल रहा है।
BRICS कारोबारियों के लिए नए बाजार तलाशना जरूरी
जयशंकर ने BRICS बिजनेस फोरम में कहा कि अब मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि सदस्य देशों के कारोबारी नए साझेदार तलाश सकें, ज्यादा बाजारों तक पहुंच बना सकें और अपने सप्लाई नेटवर्क को बेहतर तरीके से जोड़ सकें।
उन्होंने व्यावसायिक साझेदारियों को आसान बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। विदेश मंत्री के मुताबिक BRICS देशों के लिए आर्थिक गतिविधियों और आर्थिक सुरक्षा का सीधा संबंध आत्मनिर्भरता से है।
भरोसेमंद व्यापार और लॉजिस्टिक्स पर जोर
जयशंकर ने वैश्विक आर्थिक झटकों से निपटने के लिए मजबूत व्यापारिक व्यवस्था की जरूरत बताई। उन्होंने इसके लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने रखे।
- निष्पक्ष व्यापारिक तौर-तरीके
- भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था
- स्थिर और अनुमानित व्यापारिक माहौल
- कारोबार में विविधता
- पारदर्शी व्यापार और निवेश
- बाधाओं से निपटने में सक्षम ऊर्जा प्रणालियां
उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं को मजबूत करने का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर जुड़े और प्रतिस्पर्धी बने रहने के साथ-साथ अचानक आने वाले आर्थिक झटकों को झेलने की क्षमता बढ़ाना होना चाहिए।
भारत की बढ़ती ताकत भी दुनिया के सामने रखी
BRICS बिजनेस फोरम में विदेश मंत्री ने भारत की आर्थिक और तकनीकी क्षमताओं को भी प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा और लगातार बढ़ता हुआ बाजार है।
उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती विनिर्माण क्षमताओं के साथ देश के विशाल टैलेंट पूल, डिजिटल अनुभव और इनोवेशन तथा आंत्रप्रेन्योरशिप बेस को महत्वपूर्ण ताकत बताया।
जयशंकर का संदेश स्पष्ट था कि बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में भारत केवल बाजार के तौर पर ही नहीं, बल्कि विनिर्माण, तकनीक, नवाचार और व्यापारिक साझेदारी के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
BRICS बिजनेस फोरम से व्यावहारिक व्यापारिक नजरिए की उम्मीद
विदेश मंत्री ने कहा कि जब BRICS देशों के शीर्ष नेता शिखर सम्मेलन के लिए एकत्र हो रहे हैं, ऐसे समय में बिजनेस फोरम का सबसे महत्वपूर्ण योगदान यह होना चाहिए कि वह BRICS के अगले दौर के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक व्यापारिक नजरिया सामने रखे।
उन्होंने भरोसा जताया कि BRICS के कारोबारी समुदाय के बीच सहयोग बढ़ाने से सदस्य देशों के बीच बाजार पहुंच, सप्लाई नेटवर्क और निवेश के नए अवसर मजबूत किए जा सकते हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने को भारत तैयार
जयशंकर ने कहा कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कारोबार को आसान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका संबोधन ऐसे समय में हुआ है जब नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन होने जा रहा है।
इससे पहले BRICS बिजनेस फोरम में भारत की ओर से दिया गया संदेश व्यापारिक भरोसे, आर्थिक लचीलापन, आत्मनिर्भरता और सहयोग पर केंद्रित रहा।
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