बजट सत्र 2026: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विपक्ष का हंगामा, संसद में वॉकआउट

Budget Session 2026 के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद में जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने डील का मसौदा सदन में रखने और विस्तृत चर्चा की मांग की।

हाइलाइट्स :

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संसद में विपक्ष का जोरदार हंगामा
  • राज्यसभा से विपक्षी सांसदों का वॉकआउट
  • सरकार ने कहा—डील पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार
  • लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026 के चौथे दिन भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी दलों ने समझौते की शर्तों को सार्वजनिक करने और संसद में विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए दोनों सदनों में हंगामा किया।

राज्यसभा में शून्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस डील की जानकारी संसद की बजाय वॉशिंगटन से मिल रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि समझौते का पूरा मसौदा सदन के पटल पर रखा जाए।

विपक्ष का वॉकआउट

जयराम रमेश के समर्थन में विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और बाद में राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने संसद को विश्वास में लिए बिना ही देश के भविष्य से जुड़ा अहम फैसला कर लिया।

सरकार का जवाब: चर्चा के लिए तैयार

राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर शुल्क कटौती की जानकारी दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा भी की।

नड्डा ने कहा, “सरकार भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और समझौते का हर छोटा-बड़ा विवरण देने को भी तैयार है।”

उन्होंने विपक्ष पर लोकतंत्र को बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हंगामा करना गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। प्रश्नकाल पूरा नहीं हो सका और सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

विपक्षी सांसदों ने उठाए सवाल

  • डिंपल यादव (सपा सांसद) ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाया गया 18 प्रतिशत टैरिफ गंभीर सवाल खड़े करता है और यह घोषणा भारत सरकार की ओर से नहीं आई।
  • मनीष तिवारी (कांग्रेस सांसद) ने मांग की कि यदि सरकार इसे ऐतिहासिक डील मानती है, तो संसद में आकर इसकी पूरी जानकारी दे।

स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि इस व्यापार समझौते के आर्थिक, कृषि और रणनीतिक प्रभाव बेहद गंभीर हैं और देश को इसकी शर्तें जानने का अधिकार है।

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