CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग पर बोले पवन खेड़ा- पीछे नहीं हटेंगे

“CEC Gyanesh Kumar: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की।“

नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और निर्वाचन आयोग पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने के आरोप लगाए। दिल्ली के अलावा झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, मणिपुर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य राज्यों में रैलियां, धरने और विरोध-प्रदर्शन किए गए।

कांग्रेस के आरोपों के अनुसार, SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने को लेकर पारदर्शिता और प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को अपने विरोध अभियान का केंद्र बनाया है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग अपने निर्णयों को कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया बता रहा है और आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार मौजूदा पूर्ण आयोग में CEC ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी शामिल हैं।

पवन खेड़ा बोले- इस्तीफा होने तक पीछे नहीं हटेंगे

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने श्रीनगर में प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने SIR, मतदाता सूची में बदलाव और फॉर्म-6 से संबंधित प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों की पारदर्शिता और कानूनी आधार को स्पष्ट किया जाना चाहिए।

खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस काफी समय से SIR को लेकर अपनी चिंताएं सामने रख रही है। उनके मुताबिक, हाल के घटनाक्रमों ने पार्टी की ओर से उठाए गए सवालों को और गंभीर बनाया है। कांग्रेस की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए।

यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप और मांग है; इसे निर्वाचन आयोग द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

झारखंड में CEO कार्यालय का घेराव

झारखंड की राजधानी रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुराने विधानसभा परिसर से धुर्वा स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। यहां कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर भी प्रदर्शन किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटना नहीं चाहिए।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

जम्मू-कश्मीर में चार मांगों के साथ प्रदर्शन

जम्मू में जिला कांग्रेस कमेटी जम्मू शहरी और ग्रामीण के कार्यकर्ताओं ने शहीदी चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी के बाद उपायुक्त कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

पूर्व मंत्री और जम्मू शहरी कांग्रेस के अध्यक्ष योगेश साहनी ने प्रदर्शन के दौरान चार मांगें रखीं। इनमें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, उनके खिलाफ कार्रवाई, उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की समीक्षा और कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल थी।

पुंछ, उधमपुर, कठुआ, सांबा, रामबन, राजौरी और डोडा में भी कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किए गए।

तेलंगाना में संविधान की प्रति लेकर धरना

तेलंगाना में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कांग्रेस के प्रदर्शन में हिस्सा लिया। हैदराबाद में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सामने हुए धरने में SIR और मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए।

कांग्रेस नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इन आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग की ओर से प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कही गई है।

मणिपुर और कर्नाटक में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता

मणिपुर में इंफाल पूर्वी जिले समेत कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पोरोमपत स्थित उपायुक्त कार्यालय के पास कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग और SIR के खिलाफ नारेबाजी की।

कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलुरु में पंपवेल के महावीर सर्किल से पडिल स्थित उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की।

देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए इन प्रदर्शनों में स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं।

महाराष्ट्र और गुजरात में भी प्रदर्शन

महाराष्ट्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन किए। पार्टी नेताओं ने जिलाधिकारियों को ज्ञापन देकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

गुजरात के सुरेंद्रनगर और जूनागढ़ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सुरेंद्रनगर में पुलिस के अनुसार, आवश्यक अनुमति के बिना रैली निकालने पर 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

इस बीच भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। सुरेंद्रनगर भाजपा जिला अध्यक्ष हार्दिक तमालिया ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया। यह आरोप-प्रत्यारोप दोनों दलों के राजनीतिक पक्ष हैं।

प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस से टकराव

देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आईं। भोपाल में प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स पर रोका गया और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी रिपोर्ट है।

अन्य स्थानों पर भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थानों से आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पुतले जलाए और नारेबाजी की।

क्या है SIR और क्यों हो रहा है विवाद?

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसके जरिए निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को सत्यापित और अपडेट किया जाता है। मौजूदा राजनीतिक विवाद में कांग्रेस का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है।

रॉयटर्स की 28 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाता सत्यापन अभियान को लेकर निर्वाचन आयोग को विपक्षी दलों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयोग ने प्रक्रिया को कानूनी आधार वाला बताया है और राजनीतिक उद्देश्य से नाम हटाने के आरोपों से इनकार किया है।

इसलिए SIR से जुड़े कांग्रेस के आरोपों और निर्वाचन आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। अभी सामने आए राजनीतिक आरोप अपने आप में चुनावी अनियमितता का न्यायिक या आधिकारिक निष्कर्ष नहीं हैं।

ज्ञानेश कुमार कौन हैं?

निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। वह 1988 बैच के केरल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी रहे हैं।

वर्तमान निर्वाचन आयोग में उनके साथ सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं।

आगे क्या?

SIR और मतदाता सूची का मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है। कांग्रेस ने देशव्यापी प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को तेज किया है, जबकि निर्वाचन आयोग अपने संवैधानिक दायित्व और प्रक्रिया के तहत काम करने की बात कह रहा है।

ऐसे में आगे की तस्वीर निर्वाचन आयोग की ओर से आने वाली जानकारी, मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया और इस मुद्दे पर होने वाली कानूनी तथा राजनीतिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी।

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