“देवबंद में शिवा हत्याकांड के विरोध में शव रखकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। महिलाओं समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस ने पत्थरबाजी का आरोप लगाया, जबकि परिजनों ने कार्रवाई को बर्बर बताया।“
देवबंद (सहारनपुर)। सहारनपुर के देवबंद में शिवा हत्याकांड को लेकर बुधवार को उस समय तनाव फैल गया, जब पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर पहुंचे परिजनों और समर्थकों ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए। भगदड़ की स्थिति में परिजनों को शव उठाकर मौके से हटना पड़ा। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
शव रखकर हाईवे जाम, एनकाउंटर की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शिवा का शव देवबंद पहुंचा। आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग शव लेकर साईं धाम मंदिर के पास सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर पहुंच गए और बांस-बल्लियां लगाकर सड़क जाम कर दी। बड़ी संख्या में महिलाएं भी सड़क पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि शिवा की हत्या के आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार कर उनका एनकाउंटर किया जाए।
करीब दो घंटे तक चला हंगामा
प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी प्रदर्शनकारियों को शांत कराने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। हालात को देखते हुए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अभिनंदन भी मौके पर पहुंचे और लोगों से वार्ता की।
लाठीचार्ज के बाद मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 5:15 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसे हालात बन गए। लाठीचार्ज में कई महिलाएं और अन्य प्रदर्शनकारी घायल हो गए। एक महिला के पैर में गंभीर चोट आने की बात सामने आई है। हंगामे के बीच परिजनों को शव सड़क से हटाकर ले जाना पड़ा।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के आरोप-प्रत्यारोप
प्रदर्शनकारियों और मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना पर्याप्त संयम बरते महिलाओं और अन्य लोगों पर बर्बर तरीके से लाठियां चलाईं।
वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को लंबे समय तक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे सड़क खाली करने को तैयार नहीं हुए। पुलिस के अनुसार, भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।
डीएम ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अरविंद चौहान भी देवबंद पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
पूर्व विधायक ने परिजनों से की मुलाकात
घटना के बाद पूर्व विधायक शशीबाला पुंडीर मृतक शिवा के घर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
एसएसपी का बयान
एसएसपी अभिनंदन ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। उनके अनुसार, भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व शामिल थे, जिन्होंने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीमित बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को हटाया गया।
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