“मध्य प्रदेश के देवास में एबी रोड स्थित पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार को भीषण धमाके के बाद आग लग गई। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई जबकि 23 से ज्यादा लोग झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि शव सड़क तक जा पहुंचे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।“
देवास। देवास जिले में एबी रोड स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार को भीषण धमाके के बाद आग लग गई। हादसे में तीन श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 23 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। धमाका इतना तेज था कि आसपास का पूरा इलाका दहल उठा और कई शव सड़क तक आ गिरे।
यह फैक्ट्री जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर टोंककला क्षेत्र के पास स्थित बताई जा रही है। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बिहार के अररिया के रहने वाले थे कई मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में काम करने वाले कई मजदूर बिहार के अररिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से झुलसे 11 लोगों को रेफर कर दिया गया। कुछ घायलों को इंदौर के अमलतास और चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद कई मजदूर आग की चपेट में आ गए। फैक्ट्री के अंदर बारूद और तैयार पटाखों का बड़ा भंडार होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
“45 मिनट तक नहीं पहुंची एंबुलेंस”
घटना स्थल पर मौजूद मजदूर विपिन कुमार ने बताया कि वह मशीन पर काम कर रहे थे, तभी करीब 20 मीटर दूर जोरदार धमाका हुआ। जब वे मौके पर पहुंचे तो कई लोग बुरी तरह झुलस चुके थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद करीब 45 मिनट तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। उनका कहना था कि यदि समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाती तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, भीड़ ने किया विरोध
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य के लिए फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमें लगातार जुटी रहीं।
इस दौरान संभागायुक्त आशीष सिंह के मौके पर पहुंचने पर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित भीड़ ने अधिकारियों को घेरकर सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
फैक्ट्री परिसर को किया जा रहा सैनिटाइज
प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्री में अभी भी भारी मात्रा में बारूद और विस्फोटक सामग्री मौजूद है। आग पर नियंत्रण के बाद पूरे इलाके को सैनिटाइज करने का काम किया जा रहा है, ताकि दोबारा किसी बड़े हादसे की आशंका न रहे।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
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