“Eid al-Adha 2026 News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को बकरीद (Eid al-Adha) की शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने शांति, भाईचारे और खुशहाली की कामना की।“
नई दिल्ली। देशभर में मनाए जा रहे ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने इस पर्व को भाईचारे, प्रेम, एकता और मानव सेवा का प्रतीक बताते हुए समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि ईद-उल-अजहा आत्मसमर्पण, त्याग और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व विशेष रूप से जरूरतमंद और वंचित लोगों की सेवा करने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रपति ने कहा, “ईद-उल-अजहा के अवसर पर मैं सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। यह पर्व त्याग, समर्पण और श्रद्धा का संदेश देता है। यह हमें मानवता की सेवा और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देता है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस अवसर पर सभी लोगों को प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए संकल्प लेना चाहिए।
पीएम मोदी ने दी ईद की मुबारकबाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर देशवासियों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं। यह पर्व समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और मजबूत करे। मैं सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना करता हूं।”
प्रधानमंत्री के संदेश में सामाजिक एकता और सद्भाव पर विशेष जोर दिखाई दिया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी दी बधाई
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी देशवासियों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “आप और आपके परिवार को खुशियों से भरी बकरीद की शुभकामनाएं। आपके घर में हमेशा प्यार, अपनापन और खुशियां बनी रहें। ईद मुबारक।”
वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि ईद-उल-अजहा का यह पावन पर्व हर घर में शांति, प्रेम और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने लोगों के जीवन में खुशहाली, आशीर्वाद और एकता की भावना कायम रहने की कामना की।
त्याग और कुर्बानी का पर्व है बकरीद
ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति आस्था और अपने पुत्र की कुर्बानी देने की तत्परता की याद में मनाया जाता है।
इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करते हैं और कुर्बानी की रस्म निभाते हैं। कुर्बानी के मांस को परिवार, रिश्तेदारों और जरूरतमंद लोगों में बांटा जाता है। इस त्योहार का मुख्य संदेश त्याग, सेवा और मानवता के प्रति समर्पण माना जाता है।
इस्लामी कैलेंडर के अंतिम महीने जिलहिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाने वाला यह पर्व भारत सहित दुनिया के कई देशों में तीन दिनों तक मनाया जाता है।
देशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में लोगों ने नमाज अदा कर अमन, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी। सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम भी किए गए हैं।
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