हमीरपुर पुल हादसे पर सीएम योगी ने जताया दुख, बचाव कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत, मुख्यमंत्री ने SDRF और प्रशासन को राहत अभियान तेज करने के आदेश दिए

हमीरपुर पुल हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। कुरारा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 मजदूरों की मौत हो गई।

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में निर्माणाधीन पुल गिरने से हुए दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। साथ ही अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को बिना देरी किए दुर्घटनास्थल पर पहुंचने के आदेश दिए। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर तेजी से राहत कार्य चलाया जाए, ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

घायलों के बेहतर इलाज और मुआवजे के निर्देश

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि हादसे में घायल मजदूरों को तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा देने और प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

तड़के ढहा निर्माणाधीन पुल

जानकारी के अनुसार, हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे कंदौर-मोराकांदार निर्माणाधीन पुल का स्लैब, पिलर और शटरिंग का ढांचा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय कई मजदूर मौके पर काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए।

इस हादसे में अब तक छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के शव मलबे से निकालकर उनकी पहचान की जा चुकी है। वहीं कुछ अन्य मजदूरों के भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर पहुंची प्रशासन और SDRF की टीम

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम, सीओ समेत स्थानीय प्रशासन की निगरानी में SDRF की टीमों ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है।

प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर तेज आंधी और निर्माणाधीन ढांचे की कमजोरी को हादसे की वजह माना जा रहा है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button