
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने भारत छोड़ने के नोटिस से जुड़े मामले की सुनवाई 2 नवंबर तक टाल दी है। केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद नोटिस की समय-सीमा भी अगली सुनवाई तक बढ़ा दी गई है। ऐसे में इमरान खान को फिलहाल 2 नवंबर तक भारत छोड़ने की जरूरत नहीं होगी।
मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश महेश सी. त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ के सामने मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान वकील सुनील कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए सवाल उठाया कि विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के नोटिस से जुड़े मामले की सुनवाई मौजूदा कार्य आवंटन के तहत इस पीठ में हो सकती है या नहीं। उनका तर्क था कि यह मामला आपराधिक क्षेत्राधिकार से जुड़ा है।
सुनवाई के अधिकार पर उठे सवाल
इमरान खान की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वी.आर. ढोंड ने इस आपत्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने दलील दी कि मुख्य न्यायाधीश ‘मास्टर ऑफ रोस्टर’ होने के नाते मामले की सुनवाई के लिए पीठ निर्धारित करने का अधिकार रखते हैं।
पीठ ने कहा कि वह इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का पक्ष सुनना चाहती है। इसके लिए सुनवाई कुछ समय के लिए रोक दी गई, ताकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता नई दिल्ली से ऑनलाइन जुड़ सकें।

हालांकि, बाद में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने सॉलिसिटर जनरल की उपलब्धता के अनुसार सुनवाई टालने का अनुरोध किया। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 2 नवंबर तय कर दी। साथ ही, भारत छोड़ने के नोटिस की समय-सीमा भी अगली सुनवाई तक बढ़ा दी गई।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया। बताया गया है कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और भारत के नागरिक नहीं हैं।
मुंबई पुलिस की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद इमरान खान ने अपने वकील जुल्फिकार मेमन और कानूनी टीम के जरिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
अब अदालत ने मामले की सुनवाई 2 नवंबर तक टाल दी है और तब तक उन्हें अंतरिम राहत मिली है। हालांकि, मामले के अंतिम नतीजे पर फैसला आना अभी बाकी है।









