
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उद्योग और कपड़ा कारोबार को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ स्थित सरकारी आवास, 5-कालिदास मार्ग पर हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ-हरदोई सीमा पर बन रहे पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दे दी गई। इसके लिए रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को ‘प्रेफर्ड बिडर’ चुना गया है।
1,947 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पार्क
भारत सरकार की पीएम मित्र योजना के तहत यह पार्क 1,000 एकड़ यानी करीब 404.69 हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 30 प्रतिशत तक, अधिकतम 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल, गारमेंट और फैशन टेक्नोलॉजी के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। यह पार्क देश में घोषित सात मेगा टेक्सटाइल पार्कों में शामिल है।

करीब एक लाख लोगों को मिल सकते हैं रोजगार के अवसर
सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से देश-विदेश की कंपनियों का निवेश बढ़ेगा। साथ ही, लगभग एक लाख कुशल और अकुशल युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्थानीय बुनकरों, कपड़ा निर्माताओं और निर्यात कारोबार से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
99 साल की लीज पर दी गई जमीन
वस्त्रोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने बताया कि पार्क का विकास और संचालन केंद्र तथा राज्य सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली कंपनी ‘पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड’ के जरिए किया जा रहा है। इस कंपनी में उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 1,000 एकड़ जमीन कंपनी को 99 साल की लीज पर एक रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की सांकेतिक दर से उपलब्ध कराई है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा पार्क
परियोजना के लिए देश के आठ प्रमुख महानगरों में निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी। तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को योग्य पाया गया। पार्क को पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें पांच साल का निर्माण काल और कुल 50 साल की रियायत अवधि प्रस्तावित है।
पार्क में छह लेन की सड़क से संपर्क, 24 घंटे बिजली और पानी की बाहरी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, अंदरूनी सड़कें, बिजली वितरण नेटवर्क, तैयार फैक्ट्री शेड, इनक्यूबेशन सेंटर और कॉमन बॉयलर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पर्यावरण और श्रमिकों की सुविधाओं पर भी जोर
पार्क में औद्योगिक अपशिष्ट जल के शोधन और दोबारा इस्तेमाल के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज व्यवस्था पर आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।
इसके साथ ही श्रमिकों, खासकर महिला कामगारों के लिए सुरक्षित हॉस्टल, आवासीय परिसर, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान बनाए जाने की योजना है। सामान के भंडारण और परिवहन को आसान बनाने के लिए वेयरहाउसिंग और आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में कपड़ा उद्योग को मजबूती मिलेगी और निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।








