“Kargil Vijay Diwas 2026 पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने 1999 के कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जानिए ऑपरेशन विजय का इतिहास, कारगिल विजय दिवस का महत्व और द्रास वॉर मेमोरियल से जुड़ी पूरी खबर।“
नई दिल्ली/द्रास। कारगिल विजय दिवस 2026 के अवसर पर पूरा देश 1999 के कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। 27वें कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि कारगिल के वीर योद्धाओं का बलिदान राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की बहादुरी, अटूट संकल्प और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
पीएम मोदी बोले- वीरों का साहस हमेशा रहेगा प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना के जांबाज सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उनकी असाधारण वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सदैव ऋणी रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन विजय के नायकों का त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
द्रास वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि समारोह
लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और अन्य गणमान्य लोगों के साथ शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि समारोह के दौरान सेना के हेलीकॉप्टरों ने वॉर मेमोरियल पर पुष्पवर्षा की। इसके साथ ही शौर्य संध्या सहित कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कारगिल युद्ध के वीरों के अदम्य साहस और बलिदान को याद किया गया।
क्या है कारगिल विजय दिवस का महत्व?
हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर कब्जा जमाए घुसपैठियों को खदेड़कर तिरंगा फिर से लहराया था।
करीब दो महीने तक चले इस युद्ध में भारतीय सैनिकों ने विषम परिस्थितियों, दुर्गम पहाड़ियों और लगातार हो रही गोलाबारी के बीच अद्भुत शौर्य का परिचय दिया। 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में निर्णायक जीत हासिल की थी, जिसकी स्मृति में हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है।
शहीद परिवारों का भी हुआ सम्मान
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में शहीद सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन विजय के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न प्रदान किए।
कारगिल युद्ध: प्रमुख तथ्य
युद्ध की शुरुआत मई 1999 में हुई थी।
भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय चलाकर दुश्मनों को खदेड़ा।
26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल में ऐतिहासिक विजय हासिल की।
द्रास, टाइगर हिल, तोलोलिंग और बटालिक जैसे क्षेत्रों में भीषण संघर्ष हुआ।
कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों की वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक माना जाता है।
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