
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क खीरी : शिवकाशी गोला के निकटवर्ती ग्राम कोटबारा मे श्री राम कथा के किए जा रहे आयोजन मे कलश स्थापना के पश्चात कथा ब्यास पंडित पियूष दिक्षित ने राजा परीक्षित की कथा भक्तो को श्रवण कराई।
भक्तो को कथा श्रवण कराते हुये कथा ब्यास ने बताया कि राजा परीक्षित को श्राप लगा की उनको एक सप्ताह के पश्चात तक्षक नाग के काटने से उनकी मौत हो के चलते राज पाठ अपने पुत्र जनमेजय को सौप कर गंगा के तट पर पहुंचकर सात दिनो तक श्रीमद भागवत को श्रृंवण किया,और इसके पश्चात उनकी फूलो की माला मे तक्षक नाग के द्वारा उनको डस लिया, और उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से कुपित होकर उनके पुत्र जन्मेजय ने सर्पा यज्ञ किया। उस यज्ञ मे विश्व के सभी सर्पो की स्वतः ही यज्ञ मे आहूति पडने लगी,तभी एक सर्प राजा इन्द्र के सिंघासन मे छुपकर जा बैठा और उनका सिंघासन डोलने लगा। तब इन्द्र ने जन्मेजय के यज्ञ मे पहुच कर उसकी रक्षा की और कहा हे राजन किसी के बीज की प्रजाति का समूल नष्ट नही किया जा सकता। यह कथा सुनकर भक्त गण भाव विभोर हो गये। इस कथा मे ब्यबस्थापक भाजपा नेता मिथिलेश मिश्र, राहुल मिश्र, व शिवराज शर्मा, नैमिष मिश्र, राहुल कुमार, रमेश दिक्षित, मुकेश, नवनीत अवस्थी शैलेन्द्र अवस्थी,रामदुलारे पांडे,जयराम यादव,रामकिशोर, राम सरन यादव सहित तमाम भक्त व ग्रामीण मौजूद रहे।








