“बजट सत्र के सातवें दिन संसद में भारी हंगामा। पीएम के जवाब के बिना लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पास। राज्यसभा में जेपी नड्डा ने खड़गे से कहा- कांग्रेस को ‘अबोध बालक’ का बंधक न बनाएं।“
हाइलाइट्स :
- पीएम की स्पीच के बिना लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पास
- राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने पर विपक्ष का हंगामा
- राज्यसभा में जेपी नड्डा का खड़गे पर तीखा हमला
- विपक्षी सांसदों का राज्यसभा से वॉकआउट
- बजट सत्र के सातवें दिन भी दोनों सदन बाधित
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के सातवें दिन भी अमेरिका से ट्रेड डील, पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब और राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के मुद्दे पर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष के विरोध के चलते कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
सबसे बड़ा घटनाक्रम यह रहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
लोकसभा में क्या हुआ?
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
- महज 65 सेकंड में सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया
- 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई
- लेकिन 5 मिनट बाद ही 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी
विपक्षी सांसद हाथों में तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने साफ कहा कि –“तख्तियां लेकर आने पर बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
हंगामे के बीच ही लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पास कर दिया गया, जबकि पीएम अपना जवाब नहीं दे सके।
राज्यसभा में नड्डा–खड़गे की तीखी बहस
राज्यसभा में भी राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने का मुद्दा उठा। इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा— “चार दिन हो गए हैं। राहुल गांधी नियम नहीं मानते। आप उन्हें समझाते क्यों नहीं?” इसके बाद सदन के नेता जेपी नड्डा ने खड़गे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा— “राज्यसभा में लोकसभा का मुद्दा नहीं उठाया जा सकता। कांग्रेस को अबोध बालक का बंधक मत बनने दीजिए।”
नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एजेंडा संसद चलाना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति को रोकना है।
विपक्ष का वॉकआउट
हंगामे के बाद विपक्षी सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गए। खड़गे को एमएम नरवणे की किताब से कोट करने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भड़कीं
राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खड़गे के ‘लिंचिंग’ वाले बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा— “मैं LoP का सम्मान करती हूं, लेकिन इस तरह के शब्द इस्तेमाल करने का उन्हें अधिकार नहीं है।” उन्होंने राजस्थान में कांग्रेस शासन के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए पलटवार किया।
जगदंबिका पाल का बयान
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा—“राहुल गांधी के कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चार दिन की चर्चा पूरी तरह बर्बाद हो गई। यह संसद और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। हालांकि, लोकसभा में उनका जवाब आए बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो चुका है।
