“लखनऊ में STF मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये का इनामी शार्प शूटर संजय उर्फ संजीव मारा गया, जो माफिया दिलीप वर्मा और खान मुबारक का करीबी बताया जाता है। वह हत्या और लूट के कई मामलों में वांछित था और बाद में प्रॉपर्टी डीलिंग में सक्रिय हो गया था।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में STF द्वारा की गई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी कुख्यात शार्प शूटर संजय उर्फ संजीव मारा गया। पुलिस के अनुसार, संजय लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और कई राज्यों में उस पर गंभीर मामले दर्ज थे।
मूल रूप से अंबेडकरनगर के अहिरौली क्षेत्र का रहने वाला संजय अपराध की दुनिया में माफिया नेटवर्क के जरिए आया था। बताया जाता है कि उसके संबंध कुख्यात माफिया दिलीप वर्मा और खान मुबारक से थे, जिनके संपर्क में आने के बाद वह शार्प शूटर बन गया।
अपराध की दुनिया में लंबा इतिहास
सूत्रों के मुताबिक, संजय ने वर्ष 1996 के आसपास अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद 2011 में अंबेडकरनगर, गोंडा, बस्ती और अयोध्या में हत्या और लूट की कई घटनाओं को अंजाम देकर वह कुख्यात हो गया।
उसके खिलाफ 12 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे, जिनमें हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय तक फरार भी रहा।
जेल से प्रॉपर्टी डीलिंग तक का सफर
संजय लगभग 12 साल तक जेल में बंद रहा और जमानत पर बाहर आने के बाद उसने लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग शुरू कर दी थी। हालांकि, पुलिस का दावा है कि वह पर्दे के पीछे अपने पुराने नेटवर्क से जुड़ा रहा।
मुठभेड़ में अंत
STF के साथ हुई मुठभेड़ में संजय ढेर हो गया। पुलिस के अनुसार, वह बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर भी था और लंबे समय से एक लाख रुपये का इनामी था।
पारिवारिक स्थिति
परिजनों के अनुसार, संजय का अधिकतर समय गांव और लखनऊ के बीच बीतता था। उसके परिवार ने बताया कि वह कुछ समय से खुद को सुधरा हुआ बताता था और प्रॉपर्टी कारोबार में लगा था।
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