
महोबा में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने कृषि बीज भंडार से 100 बोरी चने का बीज कुलपहाड़ भेजने पर सवाल उठाए। प्रभारी को थप्पड़ मारने का आरोप, कृषि विभाग ने जांच शुरू की।
महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में कृषि विभाग के बीज भंडार से चने का बीज दूसरे स्थान पर भेजने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बुधवार देर शाम भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत को सूचना मिली कि कृषि बीज भंडार से पिकअप लोडर में चने के बीज की करीब 100 बोरियां भरकर कुलपहाड़ ले जाई जा रही हैं। सूचना मिलने पर विधायक मौके पर पहुंचे और वाहन चालक तथा बीज भंडार के प्रभारी से पूछताछ की। इस दौरान बीज भेजने के लिए किसी अधिकारी का आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विधायक नाराज हो गए।
आरोप है कि विधायक ने प्रभारी को समाजवादी पार्टी का एजेंट बताते हुए अखिलेश यादव से मिलने की बात कही और उसे थप्पड़ मार दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से प्रभारी को लहंगा-चुनरी और जूतों की माला पहनाने की बात भी कही। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वहीं, कृषि विभाग ने बीज भेजने के आदेश और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
100 बोरी चने का बीज ले जाने की सूचना पर पहुंचे विधायक
जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत को बुधवार देर शाम सूचना मिली थी कि कृषि बीज भंडार से पिकअप लोडर में चने के बीज की लगभग 100 बोरियां भरकर कुलपहाड़ भेजी जा रही हैं। सूचना मिलने के बाद विधायक मौके पर पहुंचे और वाहन चालक राजाराम, निवासी लाडपुर, तथा बीज भंडार प्रभारी सोनू सिंह यादव, निवासी पनवाड़ी, को बुलाकर पूछताछ की।
प्रभारी ने बताया कि बीज कुलपहाड़ भेजा जा रहा था, लेकिन वह इसके लिए किसी अधिकारी की ओर से जारी आदेश प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर विधायक ने नाराजगी जताई और बीज को निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेजे जाने को लेकर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव से मिलने का आरोप लगाकर भड़के विधायक
मौके पर पूछताछ के दौरान विधायक बृजभूषण राजपूत ने प्रभारी पर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह अखिलेश यादव से मिले हुए हैं और समाजवादी पार्टी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। इसी दौरान विधायक द्वारा प्रभारी को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है।
विधायक ने वहां मौजूद लोगों से प्रभारी को लहंगा-चुनरी और जूतों की माला पहनाने की बात भी कही। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और अनियमितताओं के जरिए किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
हालांकि, बीज को किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में भेजा जा रहा था, इसकी वास्तविक स्थिति कृषि विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। किसी अधिकारी का आदेश मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि बीज को अवैध रूप से भेजा जा रहा था।
कृषि अधिकारी ने आदेश जारी करने से किया इनकार
मामले को लेकर विधायक ने मौके से ही उपकृषि निदेशक रामसजीवन को फोन किया। खबर के अनुसार, अधिकारी ने चने का बीज कुलपहाड़ भेजने के लिए ऐसा कोई आदेश जारी करने से इनकार किया।
उपकृषि निदेशक रामसजीवन ने बताया कि बीज भंडार प्रभारी ने उन्हें या संबंधित अधिकारियों को बीज भेजे जाने के संबंध में कोई सूचना नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार तहरीर देकर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
किसानों ने बताई एक बोरी की कीमत
मौके पर मौजूद किसानों के मुताबिक, चने के बीज की एक बोरी की कीमत लगभग 1,700 से 1,800 रुपये है। इस हिसाब से 100 बोरियों के बीज की कुल कीमत करीब 1.70 लाख से 1.80 लाख रुपये के बीच बैठती है।
बीज कहां भेजा जा रहा था, किस योजना या वितरण प्रक्रिया के तहत भेजा जाना था और इसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है। कृषि विभाग की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि बीज के परिवहन में नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।
32 मिनट से अधिक का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित
घटना का 32 मिनट पांच सेकंड का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की जानकारी सामने आई है। वीडियो में विधायक की मौजूदगी और बीज भंडार से संबंधित विवाद को लेकर चर्चा हो रही है। इस घटना के बाद जिले में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और बीज वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, वीडियो के प्रसारित होने और उसमें दिखाई देने वाले घटनाक्रम के आधार पर पूरे मामले के सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। विभागीय जांच के निष्कर्ष और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सितंबर में भी सामने आया था ऐसा मामला
खबर के अनुसार, महोबा में इससे पहले सितंबर में नटर्रा गांव में बीमा के नाम पर वसूली करने के आरोप में दो सर्वेयरों को चूड़ी, पेटीकोट और जूतों की माला पहनाकर घुमाने का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में मुकदमा दर्ज किया गया था।
अब कृषि बीज भंडार से बीज भेजे जाने के मामले में विधायक की कार्रवाई और प्रभारी को थप्पड़ मारने के आरोप ने एक बार फिर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने जैसी कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल कृषि विभाग की ओर से बीज भेजे जाने से संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रिया की जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बीज किसके निर्देश पर भेजा जा रहा था और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। साथ ही, विधायक द्वारा प्रभारी को थप्पड़ मारने के आरोप और घटना के अन्य पहलुओं पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।









