उत्तराखंड के बाद गुजरात बनेगा UCC लागू करने वाला दूसरा राज्य

गुजरात में UCC लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जस्टिस रंजना देसाई कमेटी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपी, जिसमें विवाह, तलाक और उत्तराधिकार पर समान कानून की सिफारिश है।

नई दिल्ली/गांधीनगर। गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उच्च स्तरीय समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को यूसीसी की ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंप दी है। इसके साथ ही राज्य उत्तराखंड के बाद UCC लागू करने वाला दूसरा राज्य बनने की ओर बढ़ गया है।

तीन खंडों में तैयार की गई रिपोर्ट

समिति की ओर से तैयार की गई यह रिपोर्ट तीन खंडों में विभाजित है। इसमें सभी धर्मों और समुदायों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की गई है।

इसका उद्देश्य नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना और कानूनी प्रक्रियाओं में एकरूपता लाना है।

जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में हुआ अध्ययन

इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई ने की। समिति ने रिपोर्ट तैयार करने से पहले राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा किया, जनसुनवाई की और विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की।

रिपोर्ट में खासतौर पर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दी गई है।

विशेषज्ञों और अधिकारियों की रही भागीदारी

समिति में कई वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल रहे, जिनमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद और समाजसेवी शामिल हैं। रिपोर्ट सौंपने के दौरान राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

सीएम बोले—महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह रिपोर्ट गहन अध्ययन और व्यापक जनसंपर्क के बाद तैयार की गई है। उन्होंने इसे UCC लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया।

अब आगे क्या?

राज्य सरकार इस ड्राफ्ट रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। आवश्यक संशोधनों के बाद इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किए जाने की संभावना है।

यदि यह कानून लागू होता है, तो गुजरात देश का दूसरा राज्य बन जाएगा जहां समान नागरिक संहिता लागू होगी, जिससे देशभर में इस मुद्दे पर नई बहस को भी बल मिल सकता है।

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