“NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार आज केंद्रीय कैबिनेट में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट-2024 में संशोधन पर विचार कर सकती है। प्रस्तावित बदलावों में सख्त सजा, भारी जुर्माना और फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रावधान शामिल है।“
नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक के मामलों और NEET विवाद के बीच केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में संशोधन के प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों के लिए कड़ी सजा, भारी आर्थिक दंड और फास्ट-ट्रैक अदालतों का प्रावधान करने की तैयारी में है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी मामलों की सुनवाई
प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी।
सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों का जल्द निस्तारण कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना है, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
सजा और जुर्माना दोनों होंगे अधिक सख्त
सूत्रों के मुताबिक, संशोधन लागू होने के बाद पेपर लीक में शामिल आरोपियों के लिए जेल की अवधि और आर्थिक दंड दोनों बढ़ाए जा सकते हैं।
हालांकि अंतिम प्रावधान कैबिनेट की मंजूरी और संसद में विधेयक पारित होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संगठित तरीके से पेपर लीक करने वालों के खिलाफ और अधिक कठोर दंड का प्रस्ताव है।
मौजूदा कानून में क्या है प्रावधान?
वर्तमान पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत—
- पेपर लीक या प्रश्नपत्र से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने पर 3 से 5 वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
- यदि अपराध किसी संगठित गिरोह या नेटवर्क द्वारा किया जाता है, तो 5 से 10 वर्ष तक की जेल और कम से कम 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
- परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी या सेवा प्रदाता यदि समय पर गड़बड़ी की सूचना नहीं देते हैं, तो उन पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
सोमवार को संसद में पेश हो सकता है विधेयक
सूत्रों के अनुसार, यदि कैबिनेट संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो सरकार इसे संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विधेयक के रूप में पेश कर सकती है।
सरकार का प्रयास है कि संशोधित कानून को जल्द से जल्द पारित कर लागू किया जाए।
NEET विवाद के बीच आया प्रस्ताव
पेपर लीक से जुड़े मामलों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता मजबूत करने और भविष्य में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कानूनी ढांचे को और सख्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
नोट: प्रस्तावित संशोधनों को अंतिम रूप कैबिनेट की मंजूरी और संसद से विधेयक पारित होने के बाद ही मिलेगा। फिलहाल इन प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है।
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