
“BBL Privatisation: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बिग बैश लीग में निजी निवेश को मंजूरी दी। मेलबर्न रेनेगेड्स की 100% हिस्सेदारी बिक्री के लिए बोली प्रक्रिया शुरू हुई।“
ऑस्ट्रेलिया की घरेलू टी-20 क्रिकेट लीग बिग बैश लीग (BBL) में अब निजी निवेश का रास्ता साफ हो गया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने मंगलवार को लीग के फ्रेंचाइजी मॉडल में निजी निवेश को आधिकारिक मंजूरी दे दी। इसी के साथ मेलबर्न रेनेगेड्स की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई स्वामित्व व्यवस्था 2027-28 के BBL और WBBL सीजन से प्रभावी होने की उम्मीद है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने यह बड़ा ऐलान सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में किया, जहां पैट कमिंस, सोफी मोलिनेक्स, ट्रेविस हेड और एलिस पेरी जैसे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट सितारे भी मौजूद थे। CA का मानना है कि BBL की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए निजी निवेश से लीग को लंबे समय में मजबूती मिलेगी।
मेलबर्न रेनेगेड्स में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को मेलबर्न रेनेगेड्स की पूरी हिस्सेदारी खरीदने के लिए निजी निवेशकों से बोलियां मिल चुकी हैं। बोर्ड की योजना है कि 2027-28 के BBL और WBBL सत्र से फ्रेंचाइजी की कमान नए निजी मालिकों के हाथ में आ जाए।
हालांकि, मौजूदा सीजन पर इस प्रक्रिया का कोई असर नहीं पड़ेगा। हिस्सेदारी बिक्री पूरी होने तक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ही मेलबर्न रेनेगेड्स का संचालन केयरटेकर मोड में करेगा।
एक टीम की बिक्री के बाद दूसरी फ्रेंचाइजियों पर नजर
रेनेगेड्स की हिस्सेदारी बिक्री के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अन्य BBL टीमों में भी निजी निवेश के विकल्प पर आगे बढ़ेगा। इसके लिए ‘सेल्फ-डिटरमिनेशन’ मॉडल अपनाया जाएगा।
इस मॉडल के तहत प्रत्येक फ्रेंचाइजी खुद तय करेगी कि उसे अपनी हिस्सेदारी बेचनी है या नहीं और यदि बेचनी है तो कब बेचनी है। यानी सभी टीमों पर निजीकरण के लिए एक समान दबाव नहीं होगा।
BBL की टीमों में निजीकरण को लेकर मतभेद
बिग बैश लीग की सभी फ्रेंचाइजियां निजी निवेश को लेकर एकमत नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हॉबर्ट हरिकेंस, मेलबर्न स्टार्स और पर्थ स्कॉर्चर्स निजी निवेश के पक्ष में हैं।
वहीं सिडनी सिक्सर्स, सिडनी थंडर, ब्रिस्बेन हीट और एडिलेड स्ट्राइकर्स इस बदलाव को लेकर फिलहाल ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। इससे साफ है कि BBL में निजी स्वामित्व की प्रक्रिया अलग-अलग टीमों के लिए अलग गति से आगे बढ़ सकती है।
निवेशकों पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का रहेगा नियंत्रण
निजी निवेश की अनुमति मिलने के बावजूद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपना नियंत्रण पूरी तरह खत्म नहीं करेगा। CA को संभावित निवेशकों को मंजूरी देने या उन्हें वीटो करने का अधिकार रहेगा। इसके अलावा बोर्ड ही फ्रेंचाइजी के लिए रिजर्व प्राइस भी तय करेगा।
टीम के नाम, रंग और ब्रांडिंग में बदलाव भी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकेगा। यानी निजी मालिकों को हिस्सेदारी मिलने के बाद भी फ्रेंचाइजी की पहचान से जुड़े अहम फैसलों पर CA की भूमिका बनी रहेगी।
‘खेल के दीर्घकालिक भविष्य को ध्यान में रखकर लिया फैसला’
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन माइक बेयर्ड ने कहा कि BBL में निजी निवेश का दरवाजा खोलने का फैसला खेल के दीर्घकालिक भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।
उनके मुताबिक, निजी निवेश से बिग बैश लीग के विकास को गति देने के साथ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को जमीनी स्तर, सामुदायिक क्रिकेट, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं के विकास तथा शीर्ष स्तर के क्रिकेट में निवेश जारी रखने में मदद मिलेगी।
BBL के लिए नए दौर की शुरुआत
मेलबर्न रेनेगेड्स की हिस्सेदारी बिक्री को बिग बैश लीग के निजीकरण की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो आने वाले वर्षों में अन्य BBL और WBBL फ्रेंचाइजियां भी निजी निवेशकों के साथ साझेदारी कर सकती हैं। इससे लीग के कारोबारी ढांचे, टीमों के संचालन और निवेश मॉडल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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