
“अमरमणि त्रिपाठी के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा तेज है। गोरखपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं का स्वागत करने के बाद महाराजगंज की बैठक से पहले सियासी हलचल बढ़ी।“
गोरखपुर। कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काटने के बाद जेल से बाहर आए पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि अमरमणि त्रिपाठी कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। मंगलवार को गोरखपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त और पार्टी की वरिष्ठ नेता सुप्रिया श्रीनेत का स्वागत करने पहुंचे अमरमणि को लेकर राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म हो गया।
महाराजगंज में मंगलवार को कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के साथ अमरमणि की मौजूदगी को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। हालांकि, उनके कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
महाराजगंज से चुनाव लड़ने का कर चुके हैं एलान
अमरमणि त्रिपाठी ने पिछले दिनों महाराजगंज से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव किस राजनीतिक दल के टिकट पर लड़ेंगे।
अमरमणि ने अपने बेटे और पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी के भी महाराजगंज से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। अब कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी सक्रिय मौजूदगी ने इस चर्चा को और हवा दे दी है।
कांग्रेस नेताओं का स्वागत करने पहुंचे अमरमणि
मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त और वरिष्ठ नेता सुप्रिया श्रीनेत गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचे। दोनों नेताओं के स्वागत के लिए अमरमणि त्रिपाठी के वहां पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गईं।
अमरमणि की कांग्रेस नेताओं के साथ यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब महाराजगंज में पार्टी की बड़ी बैठक हो रही है। इसलिए इसे आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सुप्रिया श्रीनेत से मुलाकात भी चर्चा में
सुप्रिया श्रीनेत महाराजगंज की राजनीति से लंबे समय से जुड़ी रही हैं और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं। ऐसे में अमरमणि का उनके साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त का स्वागत करने पहुंचना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी के बाद यह चर्चा तेज हुई कि अमरमणि कांग्रेस से राजनीतिक नजदीकी बढ़ा रहे हैं और आगामी चुनाव में पार्टी से टिकट हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, टिकट या कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
बेटे अमनमणि के लिए भी सक्रिय हैं अमरमणि
अमरमणि त्रिपाठी के साथ उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी भी पूर्व में सक्रिय राजनीति में रहे हैं। अमरमणि ने महाराजगंज से अपने और बेटे दोनों के चुनाव लड़ने की बात कही है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर त्रिपाठी परिवार की राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नजर है।
कांग्रेस नेताओं के साथ अमरमणि की मौजूदा सक्रियता से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या त्रिपाठी परिवार कांग्रेस के साथ नया राजनीतिक समीकरण बनाने की तैयारी में है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में सजा काट चुके अमरमणि त्रिपाठी का राजनीतिक अतीत काफी चर्चित रहा है। जेल से बाहर आने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर लगातार अटकलें लगती रही हैं।
फिलहाल महाराजगंज की बैठक और कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी मुलाकात के बाद कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने या टिकट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमरमणि की राजनीतिक दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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