9 साल बाद फिर खुला लखनऊ का JPNIC, निजी फर्म कराएगी 250 करोड़ से कायाकल्प; हेलिपैड से फर्नीचर तक होगा दुरुस्त

Lucknow JPNIC Reopened: लखनऊ का JPNIC 9 साल बाद फिर खोला गया है। 35 साल की लीज पर मिली निजी फर्म करीब 200-250 करोड़ रुपये से बिल्डिंग, हेलिपैड, फर्नीचर और अन्य सुविधाएं दुरुस्त करेगी।

लखनऊ: करीब नौ साल से बंद पड़े जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) के दोबारा संवरने की उम्मीद जगी है। निजी फर्म को सौंपे जाने के बाद बुधवार को पहली बार JPNIC का मुख्य द्वार खोला गया। अब जल्द ही इसकी मरम्मत और रखरखाव का काम शुरू होने की संभावना है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अधिकारियों के मुताबिक कैबिनेट के फैसले की प्रति मिलने के बाद JPNIC को निजी फर्म को औपचारिक रूप से हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

2017 में रुक गया था निर्माण कार्य

JPNIC का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में निर्माण पूरा होने से ठीक पहले इसका काम रोक दिया गया था। उस समय फिनिशिंग और अन्य इंटीरियर कार्यों के लिए करीब 50 करोड़ रुपये का बजट बचा हुआ था।

इसके बाद करीब नौ वर्षों तक इमारत का नियमित रखरखाव नहीं हो सका। लंबे समय तक बंद रहने के कारण करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह विशाल परिसर धीरे-धीरे जर्जर होता चला गया।

200 से 250 करोड़ रुपये में होगा कायाकल्प

JPNIC की इमारत को दोबारा उपयोग के लायक और आधुनिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत है। पूरी इमारत के कायाकल्प पर करीब 200 से 250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह खर्च उस निजी फर्म की ओर से उठाया जाएगा, जिसे JPNIC को 35 साल की लीज पर सौंपा गया है। लीज के तहत परिसर के रखरखाव और जरूरी सुधार की जिम्मेदारी निजी फर्म पर होगी।

हर फ्लोर पर सीलन और टूट-फूट

लंबे समय से बंद JPNIC के अंदर कई हिस्सों की हालत खराब हो चुकी है। कमरों से लेकर स्विमिंग पूल, म्यूजियम और कन्वेंशन सेंटर तक कई जगह सीलन, टूट-फूट और कबाड़ नजर आता है।

इमारत के कई हिस्सों में फर्श की टाइलें खराब और धंसती हुई बताई जा रही हैं। दीवारों पर लगे महंगे पत्थर और टाइल्स भी कई जगह उखड़ चुके हैं। खिड़कियों के बाहरी शीशे टूट गए हैं और कई दरवाजों पर दीमक का असर दिखाई दे रहा है।

600 से ज्यादा रिक्लाइनर चेयर गायब

JPNIC में दो बड़े हॉल बनाए गए थे। इनमें 600 से अधिक रिक्लाइनर चेयर लगाई गई थीं, लेकिन लंबे समय तक बंद रहने के दौरान इनमें से कई कुर्सियां गायब हो गईं। इन कुर्सियों के बारे में LDA के पास भी स्पष्ट जानकारी नहीं होने की बात सामने आई है।

वहीं, JPNIC का पिछला हिस्सा लंबे समय तक साफ-सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण जंगल जैसा हो गया है। सुरक्षा कर्मियों के मुताबिक वहां सांप, बिच्छू और चमगादड़ तक का डेरा हो गया है।

हेलिपैड से एस्केलेटर तक की होगी मरम्मत

JPNIC को दोबारा व्यवस्थित करने के लिए इमारत के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों में काम कराया जाएगा। इसमें हेलिपैड, लिफ्ट, एस्केलेटर, फर्नीचर, फर्श, बिजली व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सिस्टम शामिल हैं।

  • हेलिपैड: लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण हेलिपैड जर्जर हो चुका है। इसकी मरम्मत पर बड़ी राशि खर्च होने का अनुमान है।
  • लिफ्ट और डिजिटल स्क्रीन: वर्षों से बंद लिफ्ट और स्पोर्ट्स सेंटर की डिजिटल स्क्रीन व बोर्ड खराब हो चुके हैं।
  • फर्नीचर: कुर्सियां, सोफे और अन्य फर्नीचर खराब हो गए हैं। जरूरत के मुताबिक इन्हें बदला या दुरुस्त किया जाएगा।
  • फर्श: कई जगह टाइल्सयुक्त फर्श धंस गया है, जिसे दोबारा ठीक किया जाएगा।
  • बिजली व्यवस्था: बिजली के तार, जनरेटर और लाइटिंग सिस्टम की मरम्मत की जाएगी।
  • बाउंड्री और मुख्य द्वार: परिसर की बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार को भी दुरुस्त किया जाएगा।
  • स्विमिंग पूल: लंबे समय से बंद पूल की हालत खराब हो चुकी है। यहां उगी वनस्पति और जमा गंदगी हटाकर इसे दोबारा व्यवस्थित किया जाएगा।
  • एस्केलेटर: ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए लगाए गए लंबे एस्केलेटर में जंग लग चुकी है। इसे भी दुरुस्त किया जाएगा।

831 करोड़ की इमारत के फिर गुलजार होने की उम्मीद

JPNIC का निर्माण करीब 831 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। निर्माण कार्य रुकने के बाद वर्षों तक इसका इस्तेमाल नहीं हो सका। इस दौरान इमारत के रखरखाव पर भी सवाल उठते रहे।

अब निजी फर्म को 35 साल की लीज पर दिए जाने के बाद उम्मीद है कि JPNIC का कायाकल्प होगा और यह परिसर दोबारा उपयोग में आ सकेगा। बुधवार को मुख्य द्वार खुलने के साथ ही करीब नौ साल से बंद इस परिसर को लेकर नई गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिले हैं।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button