
“बलिया के पशुहारी गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। पत्नी, मां के बाद बेटी की भी मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की है।“
बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र के पशुहारी गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की कुछ ही दिनों के भीतर मौत से हड़कंप मच गया। परिवार में बेटी की शादी तय होने के बाद खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक एक के बाद एक तीन मौतों ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकों की टीम को गांव भेजकर जांच शुरू कराई है।
बताया जा रहा है कि 29 अगस्त को परिवार की महिला आशा देवी की मौत हुई। इसके बाद 1 सितंबर को बुजुर्ग मां जोनिहा की भी जान चली गई। परिवार के लोग उनका अंतिम संस्कार कर घर लौटे ही थे कि वाराणसी के ट्रामा सेंटर से 24 वर्षीय बेटी प्रीति की मौत की खबर आ गई।
पत्नी की मौत के बाद मां ने भी तोड़ा दम
पशुहारी गांव निवासी शिवचंद राजभर अपनी पत्नी आशा देवी (45), मां जोनिहा (80), बेटे मनन और बेटी प्रीति (24) के साथ रहते थे। परिजनों के मुताबिक आशा देवी पहले से बीमार चल रही थीं। उन्हें दिमाग संबंधी बीमारी और पाइल्स की शिकायत थी। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब थी और उन्हें सांस लेने में भी परेशानी होने लगी थी।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनका स्थानीय स्तर पर इलाज कराया जा रहा था। इलाज के दौरान 29 अगस्त को आशा देवी की मौत हो गई। परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 1 सितंबर को शिवचंद की बुजुर्ग मां जोनिहा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही समय बाद उनकी भी मौत हो गई।
मां का अंतिम संस्कार कर लौटे तो बेटी की मौत की खबर
इसी दौरान शिवचंद की बेटी प्रीति की हालत भी गंभीर बनी हुई थी। परिजनों के अनुसार प्रीति को सर्दी-जुकाम और कमर दर्द की शिकायत थी। उसके शरीर में खून की कमी बताई गई और प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गए थे।
हालत बिगड़ने पर परिजन उसे वाराणसी के ट्रामा सेंटर ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान उसे कई यूनिट रक्त भी उपलब्ध कराया गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
1 सितंबर को परिवार के लोग जोनिहा का अंतिम संस्कार करने गए थे। अंतिम संस्कार के बाद जब वे घर लौटे तो उन्हें वाराणसी से प्रीति की मौत की सूचना मिली। कुछ ही घंटों के अंतराल में मां और बेटी को खोने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
प्रशासन ने भेजी चिकित्सकों की टीम
एक ही परिवार में लगातार तीन मौतों की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। एसडीएम के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम को शिवचंद के घर भेजा गया। टीम ने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ ही तीनों मौतों से जुड़े संभावित कारणों की जांच की।
स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं मिले
बलिया के सीएमओ अभय नारायण राय ने बताया कि प्राथमिक जांच में स्वाइन फ्लू के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जिन लोगों को बुखार है, उन्हें जिला अस्पताल लाकर जांच कराई जा रही है, ताकि बुखार के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
सीएमओ के मुताबिक प्राथमिक जांच में आशा देवी और प्रीति की मौत का कारण खून की कमी बताया गया है, जबकि बुजुर्ग जोनिहा की मौत सांस लेने में परेशानी के चलते हुई। हालांकि, चिकित्सकीय टीम यह भी जांच कर रही है कि परिवार में डेंगू या किसी अन्य संक्रमण का मामला तो नहीं था।
बेटी की शादी तय होने से घर में थीं खुशियां
परिवार के मुताबिक शिवचंद की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। वह कर्नाटक में रहकर लोहे की वेल्डिंग का काम करते थे और करीब एक महीने पहले बेटे मनन के साथ गांव लौटे थे। वह बेटे को दोपहिया वाहनों की मरम्मत का काम सिखाकर आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे।
इसी दौरान बेटी प्रीति की शादी तय हुई थी। शादी की तैयारियों को लेकर परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन कुछ ही दिनों में तीन मौतों ने परिवार की खुशियां छीन लीं। जिस घर में शादी की तैयारियां होनी थीं, वहां अब मातम पसरा है।
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