ओमान के शिनास बंदरगाह के पास MT Jalveer जहाज से जुड़ी घटना सामने आई है। चालक दल में भारतीय नाविक भी शामिल हैं। भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।
मस्कट। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर गहराती चिंताओं के बीच ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट भारतीय जहाज MT जलवीर से जुड़ी एक घटना सामने आई है। जहाज पर भारतीय नाविकों के मौजूद होने की जानकारी के बाद भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया है और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।
भारतीय दूतावास ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि उसे सुबह शिनास बंदरगाह के पास MT जलवीर से संबंधित घटना की जानकारी मिली है। दूतावास ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए ओमान के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चुनौती
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक और तेल वाहक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल के दिनों में समुद्री मार्गों पर कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब समुद्री गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। ऐसे में इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
एक दिन पहले हुई थी बड़ी त्रासदी
MT जलवीर से जुड़ी घटना ऐसे समय सामने आई है जब ओमान की खाड़ी में टैंकर सेटेबेलो पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है। उस हमले में जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
केंद्रीय पोत, जलमार्ग और बंदरगाह मंत्री Sarbananda Sonowal ने गुरुवार को तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
सेटेबेलो घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने अमेरिकी प्रभारी अधिकारी को तलब कर अपनी गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में नागरिक जहाजों और उन पर सवार निर्दोष लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ओमान तट के निकट एक वाणिज्यिक जहाज पर हुई सैन्य कार्रवाई अत्यंत चिंताजनक है। मंत्रालय के अनुसार जहाज पर कुल 24 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से अधिकांश को सुरक्षित निकाल लिया गया था, जबकि तीन भारतीय बाद में मृत पाए गए।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार की नजर
MT जलवीर मामले में भी भारत सरकार और ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल घटना की प्रकृति और नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। दूतावास ने आश्वस्त किया है कि जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
व्यापारिक जहाजों पर हमले बने वैश्विक चिंता का विषय
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया के समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक रास्तों में शामिल हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल और अन्य जरूरी सामानों का परिवहन होता है। ऐसे में व्यापारिक जहाजों पर किसी भी प्रकार की घटना न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा चिंताओं को भी जन्म देती है।
MT जलवीर से जुड़ी घटना की जांच जारी है और भारतीय दूतावास के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की ओर से विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं या नहीं तथा घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है।
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