न्यूयॉर्क अदालत में निखिल गुप्ता ने जुर्म कबूला, 40 साल तक की सजा संभव

Nikhil Gupta Pleads Guilty in Gurpatwant Singh Pannun Case: न्यूयॉर्क की अदालत में भारतीय मूल के निखिल गुप्ता ने गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का जुर्म कबूला। दोषी ठहराए जाने पर 40 साल तक की सजा संभव।

हाइलाइट्स:

  • निखिल गुप्ता ने अमेरिका में जुर्म कबूला
  • गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप
  • दोषी ठहराए जाने पर 40 साल तक की सजा संभव
  • गिरफ्तारी चेक रिपब्लिक में, 2023 में हुआ था अरेस्ट
  • अगली सुनवाई 26 मई को न्यूयॉर्क कोर्ट में

नई दिल्ली। भारतीय मूल के निखिल गुप्ता ने अमेरिका की अदालत में सिख अलगाववादी नेता Gurpatwant Singh Pannun की हत्या की साजिश रचने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। यह मामला न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में चल रहा है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद संवेदनशील केस माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निखिल गुप्ता ने हत्या की साजिश, सुपारी देने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों में अपनी संलिप्तता मान ली है। अदालत में अगली सुनवाई 26 मई को तय की गई है।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी जांच एजेंसियों के आरोप पत्र में कहा गया था कि निखिल गुप्ता को 15 हजार डॉलर दिए गए थे ताकि वह पन्नू की हत्या करा सके। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वह एक कथित “हिटमैन” के रूप में काम कर रहा था।

गौरतलब है कि 30 जून 2023 को निखिल गुप्ता को Czech Republic में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया, जहां से यह मामला आगे बढ़ा।

इस केस में विकास यादव नाम के एक व्यक्ति का भी जिक्र हुआ है। हालांकि, गुप्ता ने पहले दावा किया था कि वह विकास यादव को नहीं जानते और उनका उससे कोई संबंध नहीं है। शुरुआत में उन्होंने सभी आरोपों को मनगढ़ंत बताया था, लेकिन अब अदालत में उन्होंने अपना रुख बदलते हुए जुर्म कबूल कर लिया है।

भारत सरकार ने आरोपों से किया इंकार

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि इस साजिश के पीछे भारत सरकार के किसी कर्मचारी की भूमिका हो सकती है। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत सरकार का कोई भी अधिकारी इस मामले में शामिल नहीं है और ऐसे दावे निराधार हैं।

परिवार का बयान: आर्थिक दबाव में लिया फैसला

निखिल गुप्ता के परिवार ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए बयान में कहा है कि उन्होंने जानबूझकर अपराध स्वीकार किया ताकि मामला जल्द खत्म हो सके। परिवार के मुताबिक, कानूनी लड़ाई का खर्च लगातार बढ़ रहा था और निजी वकील की फीस वहन करना मुश्किल हो गया था।

बताया गया है कि भारी आर्थिक बोझ के कारण उन्होंने सरकारी वकील का सहारा लिया और अंततः अदालत में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

पहलूविवरण
गिरफ्तारी की तारीख30 जून 2023
गिरफ्तारी स्थानचेक रिपब्लिक
आरोपहत्या की साजिश, सुपारी, मनी लॉन्ड्रिंग
कथित रकम15,000 डॉलर
संभावित सजा40 साल तक की जेल
अगली सुनवाई26 मई 2026

ट्रांसनेशनल रिप्रेशन का मामला

अमेरिकी एजेंसी ने इस केस को “ट्रांसनेशनल रिप्रेशन” का मामला बताया है। अधिकारियों के अनुसार, चूंकि पन्नू अमेरिकी नागरिक हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर अमेरिकी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला भारत-अमेरिका संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानून के दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर 26 मई की सुनवाई पर टिकी है, जब अदालत आगे की प्रक्रिया और संभावित सजा पर निर्णय ले सकती है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button