फ्लाईदुबई हमले के आरोपी सह-पायलट की हुई पहचान, ओमान ने चरमपंथी विचारों के संदेह में उड़ान से रोका था

“फ्लाईदुबई के सह-पायलट हमाम अल-हमामी की पहचान सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार ओमान ने चरमपंथी विचारों की चिंता के चलते उसे उड़ान से रोका था। उसने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था।“

नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की उस फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित रूप से हमला करने वाले सह-पायलट की पहचान सामने आई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी सह-पायलट ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ओमान में उसे कथित तौर पर चरमपंथी विचारों को अपनाने की चिंताओं के कारण उड़ान भरने से रोक दिया गया था। बाद में संयुक्त अरब अमीरात स्थित फ्लाईदुबई ने उसे नियुक्त किया।

174 यात्रियों वाली फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हमला

यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान तेल अवीव जा रहा था और उसमें 174 यात्री सवार थे। आरोप है कि सह-पायलट ने कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।

हमले के बावजूद कैप्टन मच्छार ने स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की।

17 हजार फीट से अधिक नीचे लाया गया विमान

हमले के बाद विमान से आपातकालीन संकेत भेजे गए। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, जिसे तेजी से 17 हजार फीट से अधिक नीचे लाया गया। इसके बाद विमान का मार्ग बदलकर सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट की ओर किया गया।

वहां अधिकारियों ने सह-पायलट को हिरासत में ले लिया। बाद में घायल कैप्टन और आरोपी सह-पायलट को सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात स्थानांतरित किया गया।

ओमान में उड़ान से रोकने की वजह पर उठे सवाल

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक हमाम अल-हमामी ओमानी पिता और सीरियाई मां की संतान है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ओमान ने उसे कथित तौर पर चरमपंथी विचारों से संबंधित चिंताओं के चलते उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया था।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि संयुक्त अरब अमीरात में फ्लाईदुबई द्वारा नियुक्ति के समय उसकी पिछली पृष्ठभूमि और सुरक्षा संबंधी जानकारी की कितनी जांच की गई थी। मामले की जांच जारी है।

नेतन्याहू ने कहा- ‘इस्लामिस्ट रेडिकलाइजेशन’ की जांच

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि सह-पायलट कथित तौर पर ‘इस्लामिस्ट रेडिकलाइजेशन’ से प्रभावित था। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है।

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि जांच की जा रही है कि क्या हमलावर को किसी ने भेजा था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमले के पीछे किसी संगठन या देश की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पीएम मोदी से बातचीत में कैप्टन ने बताया अपना अनुभव

हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छार को इस घटना के बाद साहस के लिए सराहा जा रहा है। अबू धाबी के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की।

कैप्टन ने प्रधानमंत्री को बताया कि हमले के दौरान वह बुरी तरह घायल हो गए थे और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा कि अगर वह दोबारा खड़े नहीं हुए तो विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।

फ्लाईदुबई हमले के बाद विमानन सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने मध्य पूर्व में विमानन सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर इस बात की जांच की जा रही है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं वाले व्यक्ति को विमान के कॉकपिट तक पहुंचने और सह-पायलट के रूप में काम करने की अनुमति कैसे मिली।

संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने घटना को ‘खतरनाक आतंकवादी कृत्य’ बताया और भारतीय कैप्टन के साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कैप्टन की पेशेवर क्षमता और जिम्मेदारी ने संभावित बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ईरान कनेक्शन की भी जांच, अभी ठोस सबूत नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें शुरुआती जानकारी में हमले के तार तेहरान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, उन्होंने इसका विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। जांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार फिलहाल हमलावर के किसी संगठन से संबंध या ईरान से जुड़े होने का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।

इजरायली जांचकर्ता भी मामले की जांच में शामिल हैं, जबकि जांच की अगुवाई संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारी कर रहे हैं।

UAE ने इजरायल के लिए उड़ानें रद्द कीं

घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने इजरायल के लिए सभी उड़ानें रद्द कर दीं। इससे दोनों देशों के बीच यात्रा करने वाले बड़ी संख्या में यात्रियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई।

इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के बीच फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए विशेष प्रत्यावर्तन उड़ानें शुरू की गईं। इजरायल और यूएई के बीच 2020 में अब्राहम समझौते के बाद दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा और पर्यटन में तेजी आई थी।

फ्लाईदुबई घटना के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था, एयरलाइन भर्ती प्रक्रिया और संभावित आतंकी कनेक्शन समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे वास्तविक कारण और आरोपी की मंशा को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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