“Saharanpur News 2026: यूपी STF और पुलिस ने सहारनपुर से पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के संपर्क Instagram और WhatsApp के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट से बताए जा रहे हैं। जानिए पूरा मामला।“
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने सहारनपुर से पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े चार युवकों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक ये युवक पिछले करीब छह महीने से पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के संपर्क में थे। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इनका नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड तक फैल चुका था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र स्थित ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब और शाहरूख शामिल हैं। इनके अलावा हरिद्वार के ढनढेरा गांव निवासी मुशर्रफ और मुजफ्फरनगर के शाहपुर रामराज क्षेत्र निवासी गगनदीप उर्फ गुरी को भी गिरफ्तार किया गया है।
मजदूरी और ड्राइविंग की आड़ में नेटवर्क सक्रिय
जांच में सामने आया है कि पकड़े गए अधिकतर युवक आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और अलग-अलग राज्यों में काम करने के कारण उनका लगातार बाहर आना-जाना रहता था। महकाब हरियाणा और पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था, जबकि शाहरूख उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में मजदूरी और वेल्डिंग का काम करता था।
तीसरा आरोपी मुशर्रफ मसूरी के आसपास वेल्डिंग का काम करता था। वहीं गगनदीप उर्फ गुरी पेशे से ट्रक ड्राइवर है और उसका कई राज्यों में लगातार आना-जाना लगा रहता था। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी आवाजाही और नेटवर्क का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
सोशल मीडिया के जरिए हुआ संपर्क
एसटीएफ अधिकारी अमिताभ यश के अनुसार इन युवकों का संपर्क पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट से इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए हुआ था। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे गहरे संपर्क में बदल गई और फिर इन युवकों को अलग-अलग राज्यों में गतिविधियां संचालित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा।
अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवकों को प्रभावित कर उन्हें नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि इनकी भूमिका केवल संपर्क तक सीमित थी या फिर ये किसी बड़ी साजिश में भी शामिल थे।
कई एजेंसियां कर रहीं जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल चार लोगों तक सीमित नहीं है और इसके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
गांव में पसरा सन्नाटा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद आरोपियों के गांवों में हैरानी और सन्नाटा पसरा हुआ है। ढिक्का कलां गांव के लोगों का कहना है कि महकाब और शाहरूख सामान्य जीवन जीते थे और मजदूरी कर परिवार चलाते थे। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों ज्यादा मेलजोल नहीं रखते थे, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि वे किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
परिवार के लोग फिलहाल मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। वहीं ग्रामीणों में भी इस मामले को लेकर दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर बढ़ती निगरानी की जरूरत
इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच रहे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क और कट्टरपंथी तत्वों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को आसानी से नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को किसी प्रकार की फंडिंग मिली थी या नहीं और वे किन-किन लोगों के संपर्क में थे। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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