“वाराणसी में कांग्रेस के संविधान संवाद सम्मेलन में सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री मोदी को कायर बताया। राहुल गांधी से डरने, संविधान खतरे में होने और काशी की विरासत बचाने का आह्वान किया।“
हाइलाइट्स :
- वाराणसी में कांग्रेस ने संविधान संवाद सम्मेलन का आयोजन किया
- सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी को कायर और राहुल गांधी से डरने वाला बताया
- पवन खेड़ा ने लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर खतरे की बात कही
- कांग्रेस नेताओं ने काशी की विरासत बचाने का आह्वान किया
- शास्त्री घाट पर हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
वाराणसी। सुप्रिया श्रीनेत मोदी कायर बयान एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को कांग्रेस ने ‘संविधान संवाद सम्मेलन’ का आयोजन कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। वरुणा नदी के किनारे स्थित शास्त्री घाट पर हुए इस सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं और सांसदों ने संविधान, लोकतंत्र और काशी की विरासत को लेकर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मंच से कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कायर हैं और हमारे नेता राहुल गांधी से डरते हैं। संसद में राहुल गांधी को बोलने से रोककर उनके तेवर नहीं रोके जा सकते।” उन्होंने दावा किया कि काशी से एक नई राजनीतिक क्रांति की शुरुआत होने जा रही है।
संविधान और लोकतंत्र खतरे में: पवन खेड़ा
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि देश का संविधान आज खतरे में है और लोकतांत्रिक संस्थानों पर लगातार कुठाराघात हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर सनातन नगरी काशी की ऐतिहासिक विरासत को नष्ट किया जा रहा है।
खेड़ा ने कहा, “जो काशी को धोखा देगा, वह देश को भी नहीं छोड़ेगा।”
मोदी को हराने का संकल्प
अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि सांसद जनता चुनती है, लेकिन आज संसद में प्रशासन द्वारा चुने गए प्रतिनिधि बैठे हैं।
इलाहाबाद से सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि माता अहिल्याबाई और शंकराचार्य के अपमान का बदला लेने का समय आ गया है।
इमरान मसूद का तीखा प्रहार
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि “देश ने इतना कमजोर प्रधानमंत्री पहले कभी नहीं देखा। जिसे संसद में बोलने से डर लगे, उसे तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि नफरत की राजनीति देश को जलाकर रख देगी।
शास्त्री घाट पर उमड़ा जनसैलाब
संविधान संवाद सम्मेलन में शास्त्री घाट पर लगी करीब 2000 कुर्सियां पूरी तरह भर गईं। वाराणसी के साथ-साथ गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर और भदोही से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यक्रम में पहुंचे।
वीडियो दिखाकर लगाए आरोप
कार्यक्रम में वीडियो के माध्यम से सड़क चौड़ीकरण और विकास परियोजनाओं के नाम पर काशी को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए। मणिकर्णिका घाट, दालमंडी और गंगा की स्थिति को वीडियो में दिखाया गया।
गंगा-जमुनी तहजीब की झलक
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं को काशी विश्वनाथ का स्मृति चिन्ह, रुद्राक्ष माला और अंगवस्त्र भेंट किए गए। मंच पर महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर, माता अहिल्याबाई और काशी नरेश विभूति नारायण सिंह के चित्र लगाए गए।
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