“उन्नाव केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने जमानत पर सुनवाई से इनकार किया और दिल्ली हाईकोर्ट से तीन महीने में अपील का निपटारा करने का आग्रह किया।”
उन्नाव। भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत से जुड़े मामले में सोमवार को जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट से यह आग्रह किया है कि वह सेंगर की अपील पर तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी करे।
CJI की टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा—“यह मामला हाईकोर्ट में विचार के योग्य है। लंबित अपील का शीघ्र निपटारा किया जाना चाहिए। हम अनुरोध करते हैं कि उच्च न्यायालय तीन महीने से अधिक की देरी किए बिना सुनवाई पूरी करे।”
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं करेगा और अंतिम निर्णय का अधिकार क्षेत्र दिल्ली हाईकोर्ट के पास है।
क्या है मामला
साल 2020 में ट्रायल कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सेंगर को 10 साल के कठोर कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।इसके अलावा, सेंगर रेप केस में भी दोषी ठहराए जा चुके हैं और उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
हाईकोर्ट पहले ही कर चुका है इनकार
सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत की अपील की थी, जिसे 19 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की हिरासत में मौत के मामले में कोई नरमी नहीं बरती जा सकती।
पीड़ित पक्ष की आपत्ति
पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील महमूद प्राचा ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि सेंगर को जमानत मिलने से पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
अब इस मामले में निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर निर्णय लिया जाना है।
यह मामला देशभर में पहले ही व्यापक आक्रोश और चर्चा का विषय रह चुका है और सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद एक बार फिर सुर्खियों में है।








