“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में अधिवक्ताओं को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यवस्था तैयार की जाएगी। सीएम ने अधिवक्ताओं को लोकतंत्र और संविधान का महत्वपूर्ण प्रहरी बताया।“
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं को जल्द ही कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में आयोजित बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के परिचय समारोह में इसका संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को समाज और देश का सजग प्रहरी बताते हुए कहा कि वह केवल मुकदमे लड़ने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागरिकों और न्याय व्यवस्था के बीच विश्वास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
अधिवक्ता संविधान और न्याय व्यवस्था के सारथी: योगी
सीएम योगी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के तीनों प्रमुख स्तंभ- विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका- संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इन संस्थाओं के बीच संवाद और समन्वय स्थापित करने में अधिवक्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता नागरिकों की समस्याओं को न्यायपालिका तक पहुंचाने और समाधान का मार्ग प्रशस्त करने का काम करते हैं। वह समाज के विधिक सलाहकार और संविधान के सारथी की भूमिका निभाते हैं।
गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध न्याय में अधिवक्ताओं की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का शासन तभी मजबूत होता है, जब आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और सुलभ न्याय मिले। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में अधिवक्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता केवल कानूनी लड़ाई नहीं लड़ते, बल्कि आम लोगों के अधिकारों की रक्षा भी करते हैं।
फर्जी अकाउंट और विभाजनकारी प्रयासों से रहें सतर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते भारत के दौर में कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी अकाउंट के माध्यम से समाज में जाति, क्षेत्र, भाषा और मत के आधार पर विभाजन पैदा करने के प्रयास किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में अधिवक्ताओं को समाज और देश के हितों के प्रति सजग रहना होगा तथा ऐसी कोशिशों का मुकाबला करना होगा।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान का किया उल्लेख
सीएम योगी ने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी ईमानदारी, निष्ठा और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने बताया कि उनके योगदान को देखते हुए प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण कराया है।
‘यूपी अब कट्टा-बम नहीं, ब्रह्मोस मिसाइल के लिए जाना जाता है’
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की पहचान अपराध और अव्यवस्था से नहीं, बल्कि विकास और औद्योगिक निवेश से हो रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब कट्टा और बम बनाने के लिए नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए जाना जा रहा है।
गरीब कल्याण योजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में गरीबों को मुफ्त राशन समेत कई योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम को जनपद न्यायाधीश राजकुमार सिंह और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमापति उपाध्याय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन बार एसोसिएशन के मंत्री अनुज अस्थाना ने किया।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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