“उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 500 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा है। वाराणसी, प्रयागराज, सीतापुर, बहराइच समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित है।“
लखनऊ। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश, बैराजों से पानी छोड़े जाने और प्रदेश के कई हिस्सों में जारी वर्षा के कारण उत्तर प्रदेश में नदियां एक बार फिर उफान पर हैं। शारदा, घाघरा, सरयू, राप्ती, गंगा और यमुना समेत कई नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। इसके चलते सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, अयोध्या, अंबेडकरनगर, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई जिलों में 500 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
खेतों, सड़कों और निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट कर दिया है और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
सीतापुर में 274 गांवों पर बाढ़ का खतरा
सीतापुर में घाघरा और शारदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों के करीब 274 गांव बाढ़ की आशंका से प्रभावित बताए गए हैं। निचले इलाकों में पानी पहुंचने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है।
प्रशासन की ओर से नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ाई गई है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
बहराइच में घाघरा लाल निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर
बहराइच में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले के 15 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने की सूचना है।
बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां 36 से अधिक गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। गोंडा में भी घाघरा नदी खतरे के निशान से करीब 29 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
अयोध्या-अंबेडकरनगर में भी सरयू उफान पर
अयोध्या और अंबेडकरनगर में सरयू नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
श्रावस्ती और बलरामपुर में राप्ती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। नदी करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। इससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर 66.08 मीटर
वाराणसी में गंगा का जलस्तर सोमवार शाम 66.08 मीटर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल और मणिकर्णिका घाट के आठ प्लेटफॉर्म पानी में डूब गए हैं।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नाव संचालन भी बंद कर दिया गया है। घाटों पर पानी पहुंचने से स्थानीय कारोबार और धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
प्रयागराज में कई नदियां उफान पर, 22 गांवों का संपर्क टूटा
प्रयागराज में गंगा और यमुना के साथ बेलन, टोंस, गोरमा, लपरी और टुड़ियारी नदियां भी उफान पर हैं। बेलन नदी के तीन रपटे पानी में डूब गए हैं, जिसके चलते 22 गांवों का संपर्क टूट गया है।
ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ ही दैनिक जरूरतों के लिए भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर रहा। रामघाट की कई दुकानें और मंदिरों की सीढ़ियां पानी में डूब गईं।
नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
फर्रुखाबाद, उन्नाव और कन्नौज में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा
फर्रुखाबाद, उन्नाव और कन्नौज में गंगा नदी चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है। इन जिलों में करीब 60 गांव बाढ़ की चपेट में बताए गए हैं।
नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से खेतों और निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
अदवा बांध के पांच गेट खुले, मार्ग बंद
मीरजापुर में अदवा बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। पानी बढ़ने के कारण पुल पर पानी आ गया और हलिया-हथेड़ा मार्ग बंद करना पड़ा।
प्रशासन की ओर से प्रभावित मार्गों पर निगरानी की जा रही है और लोगों को जोखिम वाले रास्तों से बचने की सलाह दी जा रही है।
बारिश के बीच हादसों में तीन लोगों की मौत
लगातार बारिश के बीच प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। प्रतापगढ़ में नहाने गए सगे भाई-बहन गहरे पानी में डूब गए।
सोमवार सुबह 13 वर्षीय आईशा उर्फ महक और सात वर्षीय राम सिंह मट्टन नाले में नहाने गए थे। बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव तेज था। राम गहरे पानी में डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए महक आगे बढ़ी और वह भी पानी में डूब गई।
ग्रामीणों और पुलिस ने गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश की, लेकिन देर शाम तक उनका पता नहीं चल सका।
शाहजहांपुर में दीवार और लिंटर गिरने से दो की मौत
शाहजहांपुर में पड़ोसी की कच्ची दीवार गिरने से राजन के कमरे का लिंटर भी ढह गया। मलबे में दबने से राजन और उसके तीन वर्षीय भतीजे आरव की मौत हो गई। हादसे में राजन की भाभी काजल घायल हो गईं।
बारिश के बीच कमजोर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
आकाशीय बिजली से युवक की मौत
प्रयागराज में पेड़ काटकर घर लौट रहे दिनेश बनवासी पर बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रामपुर में बारिश के दौरान छप्पर से लगी दीवार गिरने से चार वर्षीय अंजली गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
प्रशासन अलर्ट, राहत-बचाव दलों की निगरानी बढ़ी
नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आने वाले समय में बारिश और नदियों के जलस्तर की स्थिति पर राहत एवं बचाव व्यवस्था की प्रभावशीलता काफी हद तक निर्भर करेगी।








