“लखनऊ में यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान स्वदेशी तकनीक और अत्याधुनिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यास्त्र ड्रोन, बैलेस्टिक जैकेट, हेलमेट, नाइट विजन और थर्मल साइट समेत कई उत्पाद देखे।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में स्वदेशी तकनीक और अत्याधुनिक उत्पादों की झलक देखने को मिली। शुक्रवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कंपनियों के उत्पादों की जानकारी ली और स्वदेशी तकनीक के विकास को करीब से देखा।
प्रदर्शनी में डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़े उपकरणों के साथ सुरक्षा, निगरानी और ऊर्जा क्षेत्र की तकनीक ने भी लोगों का ध्यान खींचा। खासतौर पर दिव्यास्त्र एमके-1 ड्रोन और बैलेस्टिक सुरक्षा उपकरण चर्चा के केंद्र में रहे।
दिव्यास्त्र एमके-1 ड्रोन बना आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में होवेरिट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दिव्यास्त्र एमके-1 ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। कंपनी के फ्लाइट टेस्टिंग इंजीनियर लारिब ने मुख्यमंत्री को इस तकनीक की जानकारी दी।
कंपनी के अनुसार, दिव्यास्त्र एमके-1 एक ऐसा ड्रोन प्लेटफार्म है जिसे लक्ष्य तक पहुंचने के बाद हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके नए एमके-3 वेरिएंट को जेट इंजन से संचालित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, इसका परीक्षण कानपुर में भी हो चुका है।
जेट इंजन वाले नए वेरिएंट पर काम
प्रदर्शनी में कंपनी की ओर से ड्रोन तकनीक के भविष्य के वेरिएंट के बारे में भी जानकारी दी गई। एमके-3 को जेट इंजन से संचालित करने की योजना है। इससे स्वदेशी ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में देश की बढ़ती क्षमता का संकेत मिलता है।
यूपी में डिफेंस कॉरिडोर और उससे जुड़े उद्योगों के विकास के बीच इस तरह की तकनीक का प्रदर्शन राज्य में रक्षा उत्पादन के लिए बन रहे माहौल को भी रेखांकित करता है।
बैलेस्टिक जैकेट और हेलमेट ने खींचा ध्यान
प्रदर्शनी में सैनिकों और सुरक्षा बलों की सुरक्षा से जुड़े उपकरण भी आकर्षण का केंद्र रहे। एमकेयू लिमिटेड ने बैलेस्टिक हेलमेट, बैलेस्टिक जैकेट, नाइट विजन बाइनोक्युलर और थर्मल वेपन साइट का प्रदर्शन किया।
कंपनी लंबे समय से सुरक्षा उपकरणों के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी की ओर से बताया गया कि कारगिल युद्ध के दौरान भी उसने जूतों की आपूर्ति की थी। इसके बाद कंपनी ने बैलेस्टिक हेलमेट और जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरणों के क्षेत्र में विस्तार किया और अब भारत में इन उपकरणों का निर्माण कर रही है।
नाइट विजन और थर्मल तकनीक भी प्रदर्शित
सुरक्षा उपकरणों के साथ निगरानी और कम रोशनी में ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीक भी प्रदर्शनी में शामिल रही। नाइट विजन बाइनोक्युलर और थर्मल वेपन साइट जैसे उपकरणों के जरिए आधुनिक सुरक्षा तकनीक की क्षमता दिखाई गई।
इन तकनीकों का उपयोग सुरक्षा और निगरानी से जुड़े अभियानों में किया जाता है। प्रदर्शनी में इनके निर्माण और तकनीकी क्षमताओं की जानकारी भी दी गई।
स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में स्वदेशी तकनीक के प्रदर्शन को राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास के व्यापक प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। रक्षा उपकरणों से लेकर ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों में घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदर्शनी में शामिल कंपनियों के उत्पादों को देखा और तकनीक से जुड़ी जानकारी हासिल की। कार्यक्रम में स्वदेशी तकनीक, निवेश और औद्योगिक साझेदारी के जरिए उत्तर प्रदेश को नई औद्योगिक पहचान देने की दिशा में प्रयासों की झलक देखने को मिली।
डिफेंस सेक्टर में यूपी की बढ़ती भूमिका
उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस कॉरिडोर समेत कई परियोजनाओं पर काम हो रहा है। ऐसे में अत्याधुनिक रक्षा और सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन राज्य में विकसित हो रहे औद्योगिक इकोसिस्टम की तस्वीर पेश करता है।
बैलेस्टिक सुरक्षा उपकरणों से लेकर ड्रोन तकनीक तक के प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि देश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े स्वदेशी उत्पादों की क्षमता लगातार बढ़ रही है।









