उत्तर प्रदेश में बारिश और ठंड का डबल अटैक, गोरखपुर में सबसे ज्यादा बरसात; जानें लखनऊ, उरई और मेरठ का मौसम

उत्तर प्रदेश में अर्णब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ से बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है। गोरखपुर में 63.8 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि मुजफ्फरनगर सबसे ठंडा रहा। 1 नवंबर को पूर्वी यूपी में बारिश के आसार हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। अर्णब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बादल और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। नवंबर की शुरुआत के साथ ही तापमान में गिरावट ने ठंड का एहसास बढ़ा दिया है। शनिवार को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी यूपी के मुकाबले अधिक वर्षा दर्ज की गई।

मौसम के इस बदलाव के बीच गोरखपुर बारिश के मामले में प्रदेश में सबसे आगे रहा। यहां बर्डघाट में 63.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी लखनऊ में भी 23.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। वहीं, न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के साथ मुजफ्फरनगर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा।

मौसम के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, रविवार यानी 1 नवंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने और सोमवार से मौसम साफ होने के आसार हैं।

गोरखपुर में सबसे ज्यादा बारिश, बर्डघाट में 63.8 MM वर्षा

पिछले दिनों हुई बारिश के आंकड़ों में गोरखपुर सबसे आगे रहा। मौसम विभाग के अनुसार, गोरखपुर के बर्डघाट में 63.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह प्रदेश में इस अवधि के दौरान सबसे अधिक वर्षा रही।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का असर दिखाई दिया। यहां 23.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार से शनिवार तक पूर्वांचल के जिलों में बारिश की गतिविधियां पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक सक्रिय रहीं।

लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। कई जिलों में सामान्य से काफी कम अधिकतम तापमान रहने से लोगों को सुबह और शाम के समय ठंड महसूस होने लगी है।

बस्ती और बांदा में सामान्य से 10 डिग्री तक गिरा तापमान

बारिश और ठंडी हवाओं का सबसे ज्यादा असर अधिकतम तापमान पर देखने को मिला। बस्ती में शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 10.3 डिग्री सेल्सियस नीचे 23 डिग्री दर्ज किया गया।

इसी तरह बांदा में अधिकतम तापमान सामान्य से 9.2 डिग्री कम होकर 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

तापमान में इस गिरावट के चलते दिन के समय भी मौसम सुहावना और ठंडा बना रहा। लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन पर भी असर देखने को मिला।

मुजफ्फरनगर सबसे ठंडा, कई जिलों में 16 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा

उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मुजफ्फरनगर 14.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा।

अन्य जिलों में भी रात का तापमान कम दर्ज किया गया।

जिलान्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
मुजफ्फरनगर14.9°C—
नजीबाबाद15.0°C26.5°C
उरई15.6°C25.8°C
मेरठ15.7°C28.0°C
इटावा17.7°C27.0°C

इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान नीचे आया है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है।

आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश के आसार, पश्चिमी जिलों में राहत

रविवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम में सुधार देखने को मिल सकता है। बादलों की आवाजाही के बीच कुछ स्थानों पर मौसम साफ रहने की भी संभावना है।

राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है। मौसम की स्थिति में बदलाव के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

सोमवार से साफ होगा मौसम, ठंड का असर रहेगा जारी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार से उत्तर प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। बारिश का दौर थमने के बाद आसमान साफ होने और धूप निकलने से दिन के तापमान में कुछ सुधार हो सकता है।

हालांकि, न्यूनतम तापमान में गिरावट और सुबह-शाम ठंडी हवाओं का असर बना रह सकता है। ऐसे में नवंबर के शुरुआती दिनों में लोगों को सुबह और रात के समय हल्की ठंड का सामना करना पड़ सकता है।

अक्टूबर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा बारिश

अक्टूबर महीने में उत्तर प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से अधिक रहा। एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रदेश में कुल 32.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य वर्षा से 14 प्रतिशत अधिक है।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वांचल में सामान्य से तीन प्रतिशत अधिक बारिश हुई। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा दर्ज किया गया।

इस तरह अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश ने प्रदेश के मौसम का मिजाज बदल दिया। अब नवंबर की शुरुआत में तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।

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