UP PET Exam 2026 का आज अंतिम दिन है। उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में दो पालियों में करीब 12 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। जानिए दो दिनों की उपस्थिति, परीक्षा का उद्देश्य और PET स्कोर की वैधता।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए रविवार का दिन महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 का आज अंतिम दिन है। प्रदेश के 60 जिलों में करीब 12 लाख अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। प्रत्येक पाली में पांच लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
परीक्षा के शुरुआती दो दिनों में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 68.2 प्रतिशत दर्ज की गई। आवंटित 23.60 लाख अभ्यर्थियों में से लगभग 16 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि सात लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। अब अंतिम दिन की परीक्षा के साथ पीईटी-2026 का आयोजन पूरा हो जाएगा।
दो दिनों में 68.2 प्रतिशत रही अभ्यर्थियों की उपस्थिति
पीईटी-2026 में करीब 35 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से अलग-अलग परीक्षा पालियों और केंद्रों के लिए 23.60 लाख अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया था। शुरुआती दो दिनों के आंकड़ों के अनुसार लगभग 16 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
इस तरह आवंटित अभ्यर्थियों में करीब 68.2 प्रतिशत की उपस्थिति दर्ज की गई। वहीं, सात लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पंजीकृत अभ्यर्थियों की कुल संख्या के मुकाबले परीक्षा में शामिल होने वालों का अनुपात इससे भी कम रहा।
रविवार को अंतिम दिन करीब 12 लाख अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रशासन और परीक्षा से जुड़े अधिकारियों के सामने शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से परीक्षा संपन्न कराने की जिम्मेदारी है।
60 जिलों में दो पालियों में होगी परीक्षा
उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर रविवार को दो पालियों में इम्तिहान होगा। प्रत्येक पाली में पांच लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा देने के कारण केंद्रों पर व्यवस्थाओं का विशेष महत्व है।
अंतिम दिन की परीक्षा में भी अभ्यर्थियों की उपस्थिति पर नजर रहेगी। पिछले दो दिनों के आंकड़ों को देखते हुए परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
लेखपाल और कनिष्ठ सहायक भर्ती के लिए जरूरी है पीईटी
पीईटी का आयोजन प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया जाता है। इसके माध्यम से अलग-अलग भर्तियों के लिए प्रारंभिक स्तर पर अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग की जाती है।
लेखपाल, कनिष्ठ सहायक समेत कई विभागीय पदों की भर्ती में पीईटी के अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है। इससे भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की प्रारंभिक छंटनी करने में मदद मिलती है।
पीईटी पास करने से नौकरी की गारंटी नहीं
अभ्यर्थियों को यह समझना जरूरी है कि पीईटी में शामिल होना या इसमें अच्छे अंक हासिल करना सीधे सरकारी नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है। यह परीक्षा भर्ती प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है।
पीईटी के स्कोर के आधार पर संबंधित पदों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को अगली परीक्षा में शामिल होने के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है। इसके बाद संबंधित भर्ती परीक्षा, पात्रता और अन्य निर्धारित चयन प्रक्रियाओं के आधार पर अंतिम चयन किया जाता है।
तीन साल तक वैध रहेगा पीईटी स्कोर
पीईटी-2026 के स्कोर की वैधता तीन वर्ष निर्धारित है। इसका अर्थ है कि अभ्यर्थी निर्धारित अवधि के दौरान आयोग की ओर से जारी संबंधित समूह ‘ग’ भर्तियों में इस स्कोर का उपयोग कर सकेंगे, बशर्ते वे संबंधित भर्ती की अन्य पात्रता शर्तें पूरी करते हों।
रविवार को अंतिम पाली की परीक्षा पूरी होने के साथ ही पीईटी-2026 का आयोजन समाप्त हो जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और आगामी भर्ती प्रक्रियाओं पर रहेंगी।
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