
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों के आरोपपत्र जांच के लिए आयोग को भेजने और उसकी अनुमति के बिना उन्हें बहाल नहीं करने को कहा गया है।
चुनाव आयोग ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा को पत्र भेजकर ये निर्देश दिए। आयोग ने दोनों अधिकारियों और मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 198 जोड़ने का भी निर्देश दिया है।

10,470 मतदाता प्रविष्टियों में मिली गड़बड़ी
यह पूरा मामला पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र संख्या 127 की मतदाता सूची से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि एक कंप्यूटर सहायक ने कथित तौर पर ECI NET पोर्टल की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग किया। आरोप है कि 31 मई से 29 अगस्त के बीच मतदाताओं के विवरण में बदलाव के लिए फॉर्म-8 के कुल 13,779 आवेदन दर्ज किए गए।
इनमें से 10,470 आवेदन स्वीकार कर लिए गए, जबकि 3,309 आवेदन खारिज हुए। जांच के दौरान इन आवेदनों से जुड़े फॉर्म और जरूरी दस्तावेज संबंधित कार्यालय में नहीं मिले। इसके बाद मामले में अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई।
इस मामले को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोप लगाए थे।
प्रदेशभर में कंप्यूटर सहायकों की लॉगिन आईडी बंद करने के निर्देश
पीलीभीत मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर तैनात कंप्यूटर सहायकों की ECI NET पोर्टल लॉगिन आईडी निष्क्रिय करने के निर्देश दिए थे। साथ ही संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से इसकी पुष्टि कराने को कहा गया।
इसके अलावा पीलीभीत मामले में कथित रूप से शामिल आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवाएं तत्काल समाप्त करने का निर्देश संबंधित फर्म को दिया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को सभी विधानसभा क्षेत्रों में की गई कार्रवाई का व्यक्तिगत सत्यापन करने और अनुपालन रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजने को कहा गया है। चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।






