सरस्वती शिशु व विद्या मंदिर शिक्षा और संस्कार का अनूठा संगम-समीर बाजपेई

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर का सुभाष पार्क में  छात्र संसद ने ली शपथ

पिहानी  : संस्कारयुक्त शिक्षा ही सरस्वती शिशु व विद्या मंदिर का उद्देश्य : खुशी बाजपेई 

विद्या मंदिर व सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं ने पिहानी कस्बे के मोहल्ला मिश्राना स्थित सुभाष पार्क मेंछात्र संसद शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। सुभाष पार्क  मां सरस्वती को साक्षी मानकर मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख कुशी  बाजपेई ,बीजेपी नेता बृजेश गुप्ता ,पत्रकार सागर पांडेय ,सरस्वती शिशु मंदिर प्रधानाचार्या बिंदु सिंह ,विद्या मंदिर प्रधानाचार्य अवनीश सिंह, शिशु मंदिर के कार्यालय प्रमुख समीर बाजपेई , समाजसेवी नवनीत बाजपेई  ने शिशु भारती एवं छात्र संसद के भैया बहनों को शपथ दिलाया। प्रधानमंत्री तेजल सिंह, पल्लवी सिंह उप प्रधानमंत्री, हिमांशु सिंह संसदीय कार्य मंत्री, शीतल राठौर न्यायाधीश, देवकीनंदन सोनी सरकारी वकील, कामिनी विपक्ष वकील विद्या मंदिर के  छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई गई। शिशु मंदिर के कृष्ण यादव अध्यक्ष, शिवार्थ सिंह मंत्री, अभी यादव सेनापति,प्रिंस यादव उप मंत्री, देव सिंह उपाध्यक्ष, अर्जुन रस्तोगी अप सेनापति व शिशू वाटिका के अर्जुन राणा सेनापति, देव प्रताप सह सेनापति, अर्पण बंदना प्रमुख, सुष्मिता शाह वंदना प्रमुख, भूमि गुप्ता अध्यक्ष, वे दिशा सह अध्यक्ष, मंत्री अर्पित, अन्वी ने सह मंत्री की गोपनीयता की शपथ ली। मुख्य अतिथि कुशी वाजपेई ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर आम से खास सभी लोगों का अपना स्कूल है।स्कूल में बच्चों को शिक्षा देकर संस्कारवान बनाया जाता है।  संस्कारयुक्त शिक्षा के लिए सरस्वती शिशु व विद्या मंदिर एक प्रतिबद्ध संस्था है  यही कारण है कि इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करनेवाले सभी भैया बहनों का आचरण, आचार विचार, व्यवहार व संस्कार उत्तम दर्ज़े का होता है। विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अवनीश सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित विद्या भारती के विद्यालयों को सरस्वती शिशु मंदिर एवं “”सरस्वती विद्या मंदिर”” कहते हैं। संघ परिवार सरस्वती शिशु मंदिर की शिक्षा प्रणाली को अभिनव रूप में मानते हुए इसका प्रसार करता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रसिध्दि मिली है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरस्वती शिशु मंदिर अच्छा विकल्प स्वीकार किया जा सकता है। यहां क‌इ प्रकार कि प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है जैसे : बौद्धिक, शारीरिक, वैदिक मंच आदि। उन्होंने मनोनीत पदाधिकारी को बधाई व शुभकामनाएं भी दी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button